Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश में मुख्य सचिव की नियुक्ति को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने रविवार को सुक्खू सरकार से बड़ी मांग की। उन्होंने कार्यवाहक मुख्य सचिव संजय गुप्ता के नियमित मुख्य सचिव के रूप में प्रस्तावित सेवा विस्तार को तुरंत रद्द करने को कहा।
माकपा की राज्य इकाई ने केवल सेवा विस्तार रोकने की ही मांग नहीं की है। उन्होंने सरकार से संजय गुप्ता को कार्यवाहक मुख्य सचिव के पद से तुरंत हटाने का भी आग्रह किया है। इसके साथ ही वामपंथी दल ने इस वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू करने की वकालत की है।
संजय चौहान ने मुख्यमंत्री सुक्खू को लिखा पत्र
माकपा के प्रदेश सचिव संजय चौहान ने इस संवेदनशील मामले को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को एक तीखा पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र में कहा कि सरकार का यह कदम उसकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। इस तरह के फैसलों से जनता में गलत संदेश जाता है।
चौहान ने सुक्खू सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने दावा किया कि सरकार एक तरफ भ्रष्टाचार को कतई बर्दाश्त नहीं करने का ढिंढोरा पीटती है। वहीं दूसरी तरफ वह एक ऐसे अधिकारी को ऊंचे पद पर नियुक्त करने और उसका कार्यकाल बढ़ाने की लगातार कोशिश कर रही है।
अदालत और भ्रष्टाचार के मामलों का दिया हवाला
माकपा नेता ने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़े कई गंभीर मामले पहले से लंबित हैं। यही नहीं, अदालत ने भी उनके पुराने आचरण पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। ऐसे में विवादित अधिकारी को इतनी बड़ी जिम्मेदारी सौंपना पूरी तरह अनुचित है।
इस मांग ने राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था और राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। वामपंथी दल के इस कड़े रुख के बाद अब सबकी नजरें मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के अगले कदम पर टिकी हैं। विपक्ष भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है।
Author: Harikarishan Sharma


