Karnataka News: दक्षिण भारत के महत्वपूर्ण राज्य कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन की सुगबुगाहट अचानक बहुत तेज हो गई है। कांग्रेस के अंदरखाने इस समय भारी राजनीतिक हलचल मची हुई है। सूत्रों का दावा है कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि सिद्धारमैया गुरुवार को ही मुख्यमंत्री पद छोड़ सकते हैं। हालांकि अभी तक इसकी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। पार्टी नेता फिलहाल आम कार्यकर्ताओं को ऐसी सभी अफवाहों से दूर रहने की सख्त नसीहत दे रहे हैं।
दिल्ली बैठक में हाईकमान ने दिए गुप्त संकेत
हाल ही में दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान की डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया के साथ एक बेहद अहम बैठक हुई थी। आधिकारिक तौर पर बताया गया कि बैठक में आगामी राज्यसभा चुनाव की रणनीति और प्रत्याशियों के नाम पर गंभीर मंथन किया गया था।
हालांकि विश्वस्त सूत्रों के हवाले से खबर आई है कि इस बैठक में सिद्धारमैया को मनाने की कोशिश की गई। केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें स्पष्ट संकेत दिया कि कांग्रेस हाईकमान इस समय कर्नाटक में सत्ता का नेतृत्व परिवर्तन करना चाहता है।
राष्ट्रीय राजनीति में सिद्धारमैया को मिलेगी बड़ी भूमिका
सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस हाईकमान सिद्धारमैया को साल 2029 के लोकसभा चुनाव में मुख्य चेहरे के रूप में इस्तेमाल करना चाहता है। पार्टी का मानना है कि उन्हें अब राष्ट्रीय राजनीति में पूरी तरह सक्रिय करके कर्नाटक से दिल्ली बुला लिया जाए।
सिद्धारमैया को देश की राजनीति में एक बड़े ओबीसी (OBC) चेहरे के तौर पर देखा जाता है। इसी कारण कांग्रेस उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर बहुत बड़ी भूमिका देना चाहती है। दिल्ली आने पर उनके राजनीतिक हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
बेटे जितेंद्रा को कैबिनेट में मिल सकती है जगह
दावा किया जा रहा है कि सिद्धारमैया को एआईसीसी (AICC) में कोई बड़ा और महत्वपूर्ण पद दिया जा सकता है। कांग्रेस हाईकमान चाहता है कि यह राजनीतिक बदलाव पूरी तरह सम्मानजनक तरीके से हो ताकि राज्य में कोई बगावत न भड़के।
सिद्धारमैया को मनाने के लिए कांग्रेस नेतृत्व उनके बेटे जितेंद्रा को कर्नाटक कैबिनेट में शामिल कर सकता है। वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह जरूरी नहीं कि सिद्धारमैया के बाद डीके शिवकुमार ही अगले मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालें।
पार्टी के शीर्ष स्तर पर मल्लिकार्जुन खड़गे को भी मुख्यमंत्री पद के लिए आगे करने पर गंभीर चर्चा चल रही है। खड़गे का नाम सामने आने से राज्य का सियासी समीकरण पूरी तरह बदल सकता है। फिलहाल आलाकमान के अंतिम फैसले का इंतजार है।
Author: Suresh Gowda

