Delhi News: देश में बढ़ती तपिश और भीषण हीटवेव के बीच मेडिकल प्रवेश परीक्षा को लेकर केंद्र सरकार एक्शन मोड में आ गई है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आगामी 21 जून को होने वाली नीट यूजी (NEET-UG) री-एग्जामिनेशन को लेकर सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को एक बेहद महत्वपूर्ण पत्र लिखा है।
केंद्रीय मंत्री ने देश भर के सभी मुख्यमंत्रियों, लेफ्टिनेंट गवर्नरों और प्रशासकों से परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और सफल बनाने के लिए पूरा सहयोग मांगा है। शिक्षा मंत्रालय ने इस संवेदनशील माहौल में छात्रों की सुरक्षा, भलाई और सुविधा को सबसे ऊपरी प्राथमिकता पर रखने का कड़ा निर्देश जारी किया है।
भीषण हीटवेव के बीच परीक्षा केंद्रों पर बुनियादी सुविधाएं जरूरी
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पत्र में भीषण गर्मी का खास तौर पर जिक्र किया है। उन्होंने सभी मुख्यमंत्रियों से आग्रह किया है कि वे अपने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में जिला प्रशासन को तुरंत सक्रिय करें। परीक्षा की मेजबानी करने वाले सभी स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को स्पष्ट गाइडलाइंस जारी की जाएं।
मंत्रालय ने निर्देश दिया है कि परीक्षा केंद्रों पर उम्मीदवारों के लिए पीने का साफ पानी, बैठने की उचित व्यवस्था और काम करने वाले पंखे या कूलर अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराए जाएं। इसके अलावा, केंद्रों पर साफ वॉशरूम, छायादार वेटिंग एरिया, निर्बाध बिजली सप्लाई और जरूरत के अनुसार पोर्टेबल टॉयलेट की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
छात्रों के आवागमन और परीक्षा की शुचिता पर विशेष ध्यान
केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर सबसे ज्यादा जोर दिया है कि छात्रों का हित और उनकी मानसिक भलाई सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी राज्य सरकारों से अनुरोध किया है कि 21 जून को परीक्षा के दिन परीक्षार्थियों को केंद्रों तक आने-जाने में कोई असुविधा न हो और यातायात के सही इंतजाम मिलें।
धर्मेंद्र प्रधान ने भरोसा जताया कि सभी राज्य सरकारें और स्थानीय प्रशासन इस राष्ट्रीय महत्व की परीक्षा को सुचारू रूप से कराने में मदद करेंगे। इस बार पूरा फोकस इस बात पर है कि री-एग्जाम पूरी तरह से पारदर्शी, सुरक्षित, धांधली मुक्त और निष्पक्ष माहौल में संपन्न हो सके।
Author: Rashmi Sharma

