काशी विश्वनाथ धाम में अभेद्य होगी सुरक्षा: दीवारें होंगी ऊंची, आईबी और एडीजी के दौरे के बाद बड़ा फैसला

Varanasi News: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में स्थित भव्य श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में दिनों-दिन बढ़ती श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा करने का फैसला लिया गया है। परिसर की जिन जगहों पर दीवारें नीची हैं, उन्हें अब जल्द ही और ऊंचा किया जाएगा।

वर्तमान में करीब 50 हजार वर्ग मीटर में फैले इस विशाल परिसर की दीवारें आठ फीट तक ऊंची हैं। इन दीवारों के निचले हिस्से में मजबूत पत्थर लगाए गए हैं, जबकि ऊपरी हिस्से पर लोहे की ग्रिल और नेट (जाली) लगाई गई है। सुरक्षा ऑडिट में कुछ जगहों पर दीवारें छोटी पाई गई हैं।

इन रास्तों पर दीवारें छोटी होने से बढ़ा सुरक्षा का खतरा

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, भगवान जौ विनायक मंदिर के पास, नीलकंठ और सतुआ बाबा आश्रम गली की ओर से परिसर की दीवारें काफी नीची हैं। इन कम ऊंची दीवारों के कारण बाहर से अंदर का नजारा आसानी से देखा जा सकता है, जिससे सुरक्षा में सेंध लगने का खतरा बना रहता है।

इन संवेदनशील रास्तों से किसी के भी अनाधिकृत रूप से कूदकर अंदर आने की आशंका को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। अब इन सभी चिह्नित क्षेत्रों में दीवारों की ऊंचाई को पर्याप्त रूप से बढ़ाया जाएगा, ताकि मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से पुख्ता और अभेद्य बनाया जा सके।

आईबी के अपर निदेशक और एडीजी सुरक्षा ने किया ऑडिट

इस बड़े फैसले से पहले इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) की अपर निदेशक विनीता शर्मा और एडीजी सुरक्षा तरुण गाबा ने वाराणसी का दौरा किया था। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने संयुक्त रूप से पूरे मंदिर परिसर का बारीकी से निरीक्षण कर वर्तमान सुरक्षा स्थिति का एक विस्तृत ऑडिट किया था।

इसके बाद हुई मंदिर सुरक्षा समिति की उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारियों ने दीवारों की ऊंचाई बढ़ाने और सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की संख्या में इजाफा करने के कड़े निर्देश दिए। मंदिर प्रशासन ने इन सुरक्षा उपकरणों और हाई-टेक कैमरों की खरीद के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव भेज दिया है।

ब्लाइंड स्पॉट पर नजर रखेंगे हाई रिजॉल्यूशन एचडी कैमरे

नई सुरक्षा योजना के तहत श्रीकाशी विश्वनाथ धाम से सटी और इस ओर आने वाली सभी संकरी गलियों में हाई रिजॉल्यूशन वाले एचडी कैमरे लगाए जाएंगे। इसके अलावा परिसर के भीतर के उन सभी ‘ब्लाइंड स्पॉट’ को भी चिह्नित किया जा रहा है, जहां अभी कैमरों की पहुंच नहीं है।

सुरक्षा एजेंसियों की मुख्य चिंता आगामी सावन के महीने, विशेष व्रतों और त्योहारों पर जुटने वाली शिवभक्तों की अपार भीड़ को लेकर है। इस बात को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, क्राउड कंट्रोल और श्रद्धालुओं की सुविधाओं की भविष्य की जरूरतों पर विशेष खाका तैयार किया जा रहा है।

भैरव गेट पर लगेगा स्लाइडिंग डोर, साइबर सेल भी एक्टिव

गंगा द्वार से दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं की सुगम वापसी के लिए गेट नंबर चार के पास प्रशासनिक भवन के बगल से एक वैकल्पिक मार्ग बनाने का प्रस्ताव है। वहीं, भैरव गेट पर उमड़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए एक आधुनिक स्लाइडिंग गेट स्थापित किया जाएगा।

जलमार्ग की सुरक्षा के लिए जल पुलिस, एनडीआरएफ (NDRF) और पीएसी की संयुक्त बोट पेट्रोलिंग को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। इसके साथ ही सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और साइबर सुरक्षा पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। डिप्टी कलेक्टर शंभू शरण ने बताया कि इन सभी निर्देशों पर जल्द ही काम शुरू होगा।

Author: Ajay Mishra

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