Noida News: नई सड़कों का कुछ ही दिनों में उखड़ जाना और उनमें बड़े-बड़े गड्ढे होना अब पुरानी बात हो जाएगी। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय एक ऐसी पहल कर रहा है, जिससे आम जनता भी अब सड़क निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता की वैज्ञानिक जांच करा सकेगी। नोएडा के सेक्टर 62 स्थित इंडियन अकादमी ऑफ हाईवे इंजीनियर्स (IAHE) में अत्याधुनिक नेशनल क्वालिटी टेस्टिंग लेबोरेटरी तैयार की जा रही है।
अगले छह महीनों में यह लैब पूरी तरह काम करना शुरू कर देगी। एनएबीएल (NABL) से मान्यता प्राप्त होने के कारण, यहां होने वाली हर जांच की रिपोर्ट विश्वसनीय और पारदर्शी होगी। यह व्यवस्था सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार और घटिया सामग्री के इस्तेमाल पर नकेल कसने में एक बड़ा कदम साबित होगी। अब लोगों की शिकायतें सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहेंगी।
ऐसे करा सकेंगे सड़क की जांच
इस लैब की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें कोई भी आम नागरिक सड़क निर्माण सामग्री के सैंपल जांच के लिए भेज सकता है। आपको बस सड़क से सैंपल लेना होगा और उसे कूरियर के जरिए लैब भेजना होगा। रिपोर्ट एक महीने के भीतर मिल जाएगी। इसके लिए एक निर्धारित शुल्क तय किया जाएगा, जिसे जमा करना होगा।
पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सैंपल की रिपोर्ट कोडिंग के माध्यम से दी जाएगी। सैंपल भेजने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, जिससे किसी भी तरह के दबाव या डर की स्थिति पैदा न हो। रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित विभाग को अकादमी सूचित करेगी ताकि निर्माण में हुई खामियों को तुरंत ठीक किया जा सके।
तीन हिस्सों में बंटी होगी आधुनिक लैब
लैब के काम को गति देने के लिए इसे परिसर में तीन अलग-अलग भागों में विकसित किया जा रहा है। यहां बिटुमिन, सीमेंट, कंक्रीट, मिट्टी और सरिया जैसी सभी जरूरी निर्माण सामग्रियों की वैज्ञानिक जांच होगी। लैब में एफडब्ल्यूडी (FWD), यूटीएम (UTM) और जियो टेस्टिंग जैसी अत्याधुनिक मशीनें लगाई जाएंगी, जो अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरा उतरेंगी।
इस लैब का उपयोग केवल जांच के लिए ही नहीं, बल्कि प्रशिक्षण के लिए भी किया जाएगा। यहां आने वाले देश-विदेश के इंजीनियर्स को सड़क निर्माण तकनीक और गुणवत्ता जांच का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस सुविधा के शुरू होने के बाद निर्माण एजेंसियों की जवाबदेही बढ़ेगी और जनता को बेहतर एवं टिकाऊ सड़कें मिल सकेंगी।
Author: Gaurav Malhotra

