दिल्ली के प्रदूषण पर केंद्रीय मंत्री की हाई-लेवल बैठक, क्या सितंबर 2026 तक बदल जाएगी राजधानी की हवा?

Delhi News: देश की राजधानी दिल्ली में सर्दियों के दस्तक देने से पहले ही वायु प्रदूषण से निपटने की तैयारियां तेज हो गई हैं। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने मंगलवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक हाई-लेवल समीक्षा बैठक की। बैठक में वायु गुणवत्ता सुधार के उपायों पर चर्चा हुई।

केंद्रीय मंत्री ने ठंड का मौसम शुरू होने से पहले ही प्रदूषण के स्तर में भारी कमी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा कि इसके लिए सभी विभागों को मिलकर काम करना होगा और नियमों को कड़ाई से लागू करना होगा। बैठक में लोक निर्माण विभाग मंत्री प्रवेश साहिब सिंह भी मौजूद रहे।

अक्टूबर तक सड़कों के पुनर्विकास कार्य पूरा करने का लक्ष्य

केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने दिल्ली सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों की सराहना की। इसके साथ ही उन्होंने कार्यान्वयन में रह गई कमियों को मिशन-मोड में दूर करने की सलाह दी। उन्होंने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया कि सड़कों से जुड़े सभी लंबित पुनर्विकास कार्य आगामी अक्टूबर माह तक अनिवार्य रूप से पूरे किए जाएं।

सड़कों की धूल को साफ करने के लिए सितंबर 2026 तक एक विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके तहत दिल्ली में 78 बड़ी और मध्यम आकार की एमआरएसएम (MRSM) मशीनों के साथ ही 1,000 कूड़ा बीनने वाली आधुनिक मशीनों की तैनाती की जाएगी। इस अभियान में पर्यावरण मंत्री सरदार मंजिंदर सिंह सिरसा भी सहयोग कर रहे हैं।

अक्टूबर 2026 तक बढ़ेंगी इलेक्ट्रिक बसें और चार्जिंग स्टेशन

सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने और प्रदूषण कम करने के लिए इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री ने दिल्ली में अधिक से अधिक इलेक्ट्रिक बसें खरीदने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने अक्टूबर 2026 तक चरणबद्ध तरीके से बसों की कमी को दूर करने का आग्रह किया है।

इसके साथ ही पूरी दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के लिए सार्वजनिक चार्जिंग बुनियादी ढांचे को तेजी से बढ़ाने की बात कही गई। दिल्ली मेट्रो नेटवर्क को और अधिक मजबूत बनाने तथा यात्रियों की सुविधा के लिए बहु-मॉडल लास्ट-माइल कनेक्टिविटी में सुधार करने पर भी बैठक में गहन चर्चा की गई।

वाहनों की चेकिंग के लिए लगेंगे एएनपीआर (ANPR) कैमरे

पुराने वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की समीक्षा करते हुए मंत्री ने एनसीआर क्षेत्र से बाहर जाने वाले वाहनों के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी करने की प्रक्रिया तेज करने को कहा। दिल्ली की सीमाओं पर निगरानी मजबूत करने के लिए सितंबर 2026 तक सभी प्रवेश बिंदुओं पर स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (ANPR) कैमरे लगाए जाएंगे।

इसके अतिरिक्त दिल्ली के 15 प्रमुख क्षेत्रों को सितंबर 2026 तक पूरी तरह से सिग्नल-मुक्त कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे सड़कों पर लगने वाले ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिलेगी और वाहनों के इंजन चालू रहने से होने वाले धुएं के उत्सर्जन में भी भारी कमी दर्ज की जा सकेगी।

कचरा जलाने पर होगी ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति

बैठक में निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के लिए डीपीसीसी, नगर निगम और एनडीएमसी को निरीक्षण तेज करने के आदेश दिए गए। दिल्ली नगर निगम जुलाई 2026 तक निर्माण कचरा ढोने वाले सभी वाहनों की जियोटैगिंग सुनिश्चित करेगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले डीजल जनरेटरों के खिलाफ भी अभियान तेज होगा।

सर्दियों के महीनों में खुले में कचरा जलाने की घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए ‘जीरो-टॉलरेंस’ नीति अपनाने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही दिल्ली के चिन्हित सभी 36 स्थानों पर पर्यावरण अनुकूल हरित श्मशान घाटों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए निश्चित समय-सीमा तय कर दी गई है।

Author: Gaurav Malhotra

Hot this week

Related Articles

Popular Categories