India Weather Update: आसमान से बरस रही आग और कांप रहे लोग, ब्रह्मपुरी 47.2 डिग्री के साथ सबसे गर्म, कब मिलेगी बड़ी राहत?

Delhi News: देश का एक बड़ा हिस्सा इस समय भीषण गर्मी और जानलेवा लू की चपेट में है। महाराष्ट्र के विदर्भ का ब्रह्मपुरी शहर 47.2 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ सबसे गर्म स्थान दर्ज हुआ। दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों में पारा लगातार 45 डिग्री के आसपास बना हुआ है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तर और मध्य भारत में “हीट डोम” जैसी खतरनाक स्थिति बन गई है। वायुमंडल के ऊपरी हिस्से में बना उच्च दबाव क्षेत्र गर्म हवा को बाहर नहीं निकलने दे रहा है। इसके कारण जमीन लगातार तप रही है और मैदानी इलाकों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है।

पश्चिमी विक्षोभ की कमी से बढ़ी आफत

मौसम विभाग ने बताया कि मई महीने में इस साल कोई प्रभावी पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय नहीं हुआ है। आमतौर पर इस समय आने वाली तेज हवाएं और हल्की बारिश तापमान को नियंत्रित रखती हैं। बादलों की अनुपस्थिति के कारण सूरज की सीधी किरणें धरती का तापमान लगातार बढ़ा रही हैं।

विदर्भ क्षेत्र की शुष्क भौगोलिक स्थिति और हवा में कम नमी ब्रह्मपुरी को सबसे गर्म बना रही है। इसके साथ ही नागपुर, चंद्रपुर और वर्धा में भी पारा 45 डिग्री के पार चला गया है। राजस्थान के फलोदी, बीकानेर और चूरू में भी रेगिस्तानी गर्म हवाएं कहर ढा रही हैं।

दिन के साथ अब रातें भी हुईं गर्म

दिल्ली और एनसीआर में अधिकतम तापमान 44 डिग्री तक पहुंच गया है। मौसम विभाग के मुताबिक यहां रात का न्यूनतम तापमान भी सामान्य से अधिक दर्ज हो रहा है। इसके कारण लोगों को चौबीसों घंटे गर्मी से कोई राहत नहीं मिल पा रही है जो बेहद चिंताजनक है।

उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में स्थित बांदा, झांसी और प्रयागराज में लू ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण हीटवेव की अवधि बढ़ी है। शहरों में कंक्रीट के जाल और कम हरियाली से गर्मी का असर दोगुना हो गया है।

मौसम विभाग ने दी राहत की बड़ी खबर

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 28-29 मई के दौरान एक नया पश्चिमी विक्षोभ दस्तक दे सकता है। इसके प्रभाव से दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में धूलभरी आंधी चलेगी। इस मौसमी बदलाव से तापमान में 2 से 4 डिग्री तक गिरावट आने की उम्मीद है।

भीषण गर्मी के कारण अस्पतालों में डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। डॉक्टरों ने दोपहर के समय बाहर न निकलने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी है। बच्चों और बुजुर्गों को इस मौसम में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

Author: Shilla Bhatia

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