Nagpur News: नीट-यूजी पेपर लीक मामले की जांच कर रही सीबीआई ने नागपुर में बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने मंगलवार को दो छात्रों के घरों पर छापेमारी की। इस दौरान मोबाइल, लैपटॉप और हाथ से लिखे नोट्स जैसे महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए हैं। इन उपकरणों को अब फॉरेंसिक जांच के लिए लैब भेजा गया है।
अधिकारियों के मुताबिक, ये दोनों छात्र इस साल नीट परीक्षा में शामिल हुए थे और स्थानीय निजी कोचिंग संस्थानों से तैयारी कर रहे थे। सीबीआई को शक है कि इन छात्रों को पुणे से संचालित एक संगठित नेटवर्क के जरिए प्रश्नपत्र लीक करके उपलब्ध कराया गया था। हर अभ्यर्थी से इसके लिए 15 लाख रुपये वसूले गए थे।
पुणे कनेक्शन और मनीषा वाघमारे की भूमिका
सीबीआई की जांच में पुणे का एक बड़ा नेटवर्क सामने आया है। एजेंसी का मानना है कि इन छात्रों का संपर्क पुणे की मनीषा वाघमारे के जरिए हुआ था, जिसे पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। वह छात्रों और अभिभावकों को पेपर लीक गिरोह के मुख्य सदस्यों से मिलवाने का काम करती थी।
इसके बाद छात्रों का संपर्क केमिस्ट्री के लेक्चरर पीवी कुलकर्णी से कराया गया। कुलकर्णी को इस पूरे मामले का मुख्य आरोपी माना जा रहा है और उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया है। जांचकर्ताओं को संदेह है कि चुनिंदा छात्रों को परीक्षा से पहले पुणे बुलाया गया था, जहाँ उन्हें प्रश्नपत्र और उत्तर रटाए गए थे।
सीबीआई की पैनी नजर और आगे की रणनीति
सीबीआई अब छात्रों के कॉल रिकॉर्ड, संदिग्ध वित्तीय लेनदेन और डिजिटल सुबूतों की गहराई से पड़ताल कर रही है। ताकि इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य चेहरों को बेनकाब किया जा सके। अधिकारियों ने साफ किया है कि अभी तक छात्रों की गिरफ्तारी नहीं हुई है, क्योंकि मामले में विस्तृत जांच प्रक्रिया जारी है।
इस बीच, लातूर के रेणुकाई केमिस्ट्री सेंटर के संस्थापक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर की गिरफ्तारी ने जांच को नई दिशा दी है। अब तक दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, लातूर और अहिल्यानगर से कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सीबीआई लगातार विभिन्न शहरों में दबिश देकर रैकेट की परतें खोल रही है।
कोचिंग माफिया की संपत्ति पर सियासी वार
महाराष्ट्र सरकार के मंत्री और शिवसेना नेता संजय शिरसाट ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कोचिंग सेंटर संचालकों के घरों को ध्वस्त करने की मांग की है। शिरसाट ने कहा कि ये कोचिंग क्लासेस छात्रों की फीस से इतना पैसा कमाते हैं कि बड़े राजनेता भी उतने विज्ञापनों का खर्च नहीं उठा सकते।
उन्होंने मांग की कि आरोपितों की केवल गिरफ्तारी ही काफी नहीं है, बल्कि उनकी अवैध संपत्तियों की गहन जांच होनी चाहिए और उन्हें जब्त किया जाना चाहिए। नीट जैसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं की पवित्रता बनाए रखने के लिए इस तरह के कोचिंग माफियाओं के खिलाफ कड़ी और दंडात्मक कार्रवाई करना बेहद आवश्यक है।
Author: Sachin Kulkarni


