World News: मिडिल ईस्ट में ईरान और अमेरिका के बीच जारी भीषण सैन्य संघर्ष अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। शुक्रवार को अमेरिकी सेना ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य की तरफ बढ़ रहे ईरान के चार हमलावर ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया।
अमेरिकी बलों ने इस दुस्साहसिक हमले का बेहद आक्रामक जवाब देते हुए ईरान के तटीय निगरानी रडार ठिकानों पर ताबड़तोड़ बमबारी की है। अमेरिकी सेना की इस बड़ी जवाबी कार्रवाई के बाद खाड़ी क्षेत्र में दोनों देशों के बीच जारी अस्थायी युद्धविराम के पूरी तरह टूटने का गंभीर खतरा मंडराने लगा है।
समुद्री यातायात के लिए पैदा हो गया था तत्काल खतरा
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस भीषण सैन्य कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि की है। अमेरिकी सेना के मुताबिक, ईरान के ये आत्मघाती ड्रोन अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में समुद्री यातायात और वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाने के इरादे से बहुत तेजी से आगे बढ़ रहे थे।
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थित एक रणनीतिक द्वीप सहित ईरान के कई तटीय रडार केंद्रों को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया। अमेरिका ने साफ किया कि भविष्य में होने वाले किसी भी संभावित ईरानी हमले को रोकने के लिए यह कार्रवाई जरूरी थी।
कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ईरानी ड्रोन ने मचाई थी तबाही
दोनों महाशक्तियों के बीच यह ताजा सैन्य टकराव इस हफ्ते की शुरुआत में हुए एक बेहद भीषण हमले के बाद देखा जा रहा है। इसी हफ्ते ईरानी ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों ने कुवैत के मुख्य अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के एक पैसेंजर टर्मिनल को निशाना बनाकर भारी तबाही मचाई थी।
कुवैत एयरपोर्ट पर हुए उस भीषण हमले में एक भारतीय नागरिक की दर्दनाक मौत हो गई थी, जबकि 63 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। इस हमले के बाद सुरक्षा कारणों से कुवैत हवाई अड्डे को आपातकालीन स्थिति में कुछ समय के लिए पूरी तरह बंद करना पड़ा था।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते भारी तनाव और युद्धविराम संकट के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक बड़ा बयान सामने आया है। विस्कॉन्सिन में किसानों के एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के साथ स्थिति काफी अच्छी चल रही है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट संकेत दिए कि अमेरिका इस संवेदनशील मुद्दे से बहुत जल्द और बेहद मजबूती के साथ निपट लेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका शांति समझौते या फिर बेहद कड़े सैन्य रुख के जरिए इस विवाद को खत्म करेगा। अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण ईरान पर शांति समझौते का भारी दबाव है।
Author: Pallavi Sharma


