World News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अक्सर अपने बेबाक और अनोखे अंदाज के लिए चर्चा में रहते हैं। फ्रांस में आयोजित जी-7 (G7) शिखर सम्मेलन के दौरान उनका एक वीडियो खूब वायरल हुआ था। इस वीडियो में वह अन्य वैश्विक नेताओं के बीच खुद को ‘बॉस’ कहते नजर आ रहे थे। अब ट्रंप ने इस पर अपनी चुप्पी तोड़ी है।
द एक्सिओस शो पर अमेरिकी राष्ट्रपति की सफाई
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह स्पष्टीकरण ‘द एक्सिओस शो’ पर एक इंटरव्यू के दौरान दिया। उन्होंने साफ किया कि उनकी वह टिप्पणी पूरी तरह से एक मजाक थी, जिसे गलत संदर्भ में लिया गया। इंटरव्यू में जब होस्ट ने उनसे पूछा कि वहां मौजूद कितने नेताओं ने इस बात पर विश्वास किया होगा, तो ट्रंप ने पूरा वाकया साझा किया।
ट्रंप ने बताया कि जब वह कमरे में दाखिल हुए, तो दुनिया के बड़े नेता अपनी सीटों पर पहले से बैठे थे। वे सभी जानी-मानी हस्तियां और देशों के प्रमुख हैं। मैंने बस उनकी तरफ देखा और मजाक में कह दिया कि मैं बॉस हूं। मेरा इरादा वहां बॉस बनने का बिल्कुल नहीं था, मैं तो बस माहौल को हल्का कर रहा था।
80वें जन्मदिन के ठीक बाद फ्रांस पहुंचे थे ट्रंप
यह दिलचस्प वाकया तीन दिवसीय जी-7 शिखर सम्मेलन के आखिरी दिन का है। बुधवार सुबह जब ट्रंप अंतिम सत्र की बैठक में पहुंचे, तो अन्य नेता उनका इंतजार कर रहे थे। गौरतलब है कि ट्रंप अपने 80वें जन्मदिन के जश्न के ठीक बाद शक्तिशाली लोकतांत्रिक देशों के इस बेहद महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलन के लिए फ्रांस पहुंचे थे।
ट्रंप ने इंटरव्यू में हैरानी जताते हुए कहा कि यह बात इतनी बड़ी बन जाएगी और पूरी दुनिया में फैल जाएगी, उन्हें इसका बिल्कुल अंदाजा नहीं था। उन्होंने दोबारा दोहराया कि वहां मौजूद सभी नेता जानते थे कि वह केवल मजाकिया होने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन मीडिया ने इसे एक बड़ा मुद्दा बना दिया।
जानिए क्या है शक्तिशाली देशों का जी-7 क्लब
जी-7 देशों के समूह में शामिल सदस्य देश बारी-बारी से इस अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन की मेजबानी करते हैं। फ्रांस ने पिछले साल के मेजबान कनाडा से जी-7 की अध्यक्षता हासिल की थी। इसके बाद फ्रांस साल 2027 में इस शक्तिशाली समूह की कमान और अध्यक्षता आधिकारिक रूप से अमेरिका को सौंपेगा।
इस ताकतवर क्लब का पहला शिखर सम्मेलन साल 1975 में फ्रांस के रामबौइलेट में आयोजित हुआ था। तब इसमें छह देश शामिल थे, जिनका उद्देश्य द्वितीय विश्व युद्ध के बाद आई सबसे बड़ी आर्थिक मंदी से उबरना था। इसके अगले ही वर्ष कनाडा भी इस समूह का हिस्सा बन गया, जिसके बाद इसे जी-7 कहा जाने लगा।
Author: Pallavi Sharma


