Meghalaya News: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पूर्वोत्तर राज्यों को लेकर एक बड़ा विजन पेश किया है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र अपनी स्थायी कृषि और बेहतरीन जैविक उत्पादों के दम पर देश का नया ग्रोथ इंजन बन सकता है। मेघालय अपने खास वैश्विक भरोसे के कारण इस कृषि आंदोलन का नेतृत्व करने की क्षमता रखता है।
देश की सबसे बड़ी जैविक मसाला इकाई की शुरुआत
वित्त मंत्री ने री-भोई जिले में पूर्वोत्तर भारत की सबसे बड़ी जैविक मसाला प्रसंस्करण इकाई का भव्य उद्घाटन किया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि खेती का आने वाला भविष्य पूरी तरह से उन लोगों के हाथ में है, जो केवल मात्रा नहीं बल्कि सुरक्षित, साफ और पर्यावरण के अनुकूल उत्पादों का उत्पादन करते हैं।
इस खास मौके पर उन्होंने मेघालय सरकार, स्थानीय महिला स्वयं सहायता समूहों और उद्यमियों की जमकर सराहना की। निर्मला सीतारमण ने जोर देकर कहा कि जब मेघालय का किसान आगे कदम बढ़ाता है, तो पूरा पूर्वोत्तर क्षेत्र आगे बढ़ता है। इसके बाद देश के आर्थिक विकास की रफ्तार को एक नई और बेहद शक्तिशाली ताकत मिलती है।
प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व और वैश्विक भरोसा
निर्मला सीतारमण ने कहा कि दुनिया अब एक ऐसे नए युग में कदम रख रही है, जहां विश्वसनीयता को सबसे ज्यादा महत्व मिलता है। मेघालय इस भविष्य के लिए सबसे बेहतरीन स्थिति में है। इसका मुख्य कारण यह है कि यहां की पारंपरिक कृषि प्रकृति, समाज और पीढ़ियों पुराने समृद्ध पारिस्थितिक ज्ञान पर टिकी हुई है।
विकसित भारत 2047 का मुख्य आधार
वित्त मंत्री ने साल 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के बड़े लक्ष्य का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस राष्ट्रीय संकल्प को पूरा करने के लिए देश के हर राज्य और क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना बेहद जरूरी है। इस पूरे अभियान में पूर्वोत्तर क्षेत्र की भूमिका सबसे केंद्रीय रहने वाली है।
मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा के विचारों की सराहना करते हुए वित्त मंत्री ने उम्मीद जताई कि यह क्षेत्र बेहद मजबूत बनकर उभरेगा। उन्होंने कहा कि वह चाहती हैं कि आने वाले समय में देश के बाकी हिस्से खुद आगे बढ़कर कहें कि पूर्वोत्तर राज्य आर्थिक प्रगति के मामले में पूरे भारत का नेतृत्व कर रहे हैं।
Author: Daniel Sangma


