World/International News: फ्रांस के एवियन-ले-बैं में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बेहद आक्रामक रूप देखने को मिला है। ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय पत्रकारों के सामने इजरायल और ईरान दोनों देशों को खरी-खोटी सुनाते हुए बड़ा बयान दिया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो-टूक शब्दों में कहा कि वैश्विक ईरान डील के तहत तेहरान के पास कभी परमाणु हथियार नहीं होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस्लामिक रिपब्लिक ने एटमी हथियार बनाने की कोशिश की, तो उस पर भारी आफत टूट पड़ेगी।
डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू को दी सख्त नसीहत
ईरान के साथ-साथ ट्रंप ने अपने सबसे करीबी मित्र देश इजरायल को भी कड़ी नसीहत दी है। उन्होंने लेबनान में चल रहे इजरायली सैन्य ऑपरेशन की खुलकर आलोचना की। ट्रंप ने कहा कि हिजबुल्लाह के खिलाफ यह लड़ाई बहुत लंबे समय से खिंच रही है।
डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल के युद्ध के तरीकों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हर बार किसी दुश्मन को ढूंढने के लिए पूरी अपार्टमेंट बिल्डिंग को जमींदोज करने की जरूरत नहीं होती। उन बहुमंजिला इमारतों में बहुत से मासूम और आम नागरिक भी रहते हैं।
अमेरिका के बिना इजरायल का अस्तित्व संभव नहीं
ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा कि वे सभी आम नागरिक हिजबुल्लाह के सक्रिय सदस्य नहीं होते हैं। उन्होंने इजरायल को एक अनोखा सुझाव दिया। ट्रंप के अनुसार इजरायल को हिजबुल्लाह से निपटने का जिम्मा सीरिया को सौंप देना चाहिए, जो यह काम बेहतर करेगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपनी पीठ थपथपाते हुए कहा कि अमेरिका के बिना इजरायल का कोई अस्तित्व ही नहीं होता। उन्होंने दावा किया कि उनके बिना इजरायल का बचना नामुमकिन था। कोई दूसरा अमेरिकी राष्ट्रपति वह सब करने को तैयार नहीं था, जो उन्होंने किया।
नेतन्याहू को लेबनान के मामले में होना होगा जिम्मेदार
डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ अपने पुराने और मजबूत संबंधों का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा कि नेतन्याहू के साथ उनके हमेशा बहुत अच्छे संबंध रहे हैं। इसके बावजूद प्रधानमंत्री को लेबनान के मामले में अधिक जिम्मेदार होना चाहिए।
जब पत्रकारों ने ट्रंप से पूछा कि क्या इजरायल के हमलों के बीच अमेरिका-ईरान डील बची रह सकती है, तो उन्होंने सकारात्मक जवाब दिया। ट्रंप ने कहा कि लेबनान का संघर्ष एक छोटी-मोटी लड़ाई है, जिसे आसानी से काबू किया जा सकता है।
हिजबुल्लाह को बताया छोटी दिक्कत और ईरान को बड़ा मामला
डोनाल्ड ट्रंप ने मध्य पूर्व के मौजूदा संकट का विश्लेषण करते हुए अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि असली और बड़ा मामला तो केवल ईरान का ही है। हिजबुल्लाह तो एक छोटी-सी दिक्कत है, जो बार-बार अचानक सिर उठाती रहती है।
जी7 समिट के इस तीखे बयान के बाद पूरी दुनिया में नए कूटनीतिक कयास लगाए जा रहे हैं। ट्रंप ने साफ कर दिया है कि वे इजरायल को खुली छूट देने के पक्ष में नहीं हैं। वे चाहते हैं कि युद्ध में आम नागरिकों की जान बचाई जाए।
Author: Pallavi Sharma


