Business News: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए गठित आठवां वेतन आयोग इस समय एक्शन मोड में है। वेतन आयोग देश के विभिन्न राज्यों में कर्मचारी संगठनों के साथ लगातार बैठकें कर रहा है। इन बैठकों के बीच नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने कर्मचारियों के प्रमोशन को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण मांग सामने रखी है।
कर्मचारी संगठन ने 8वें वेतन आयोग से सिफारिश की है कि किसी भी कर्मचारी को उसके 30 साल के सेवाकाल में पांच पक्के फाइनेंशियल अपग्रेडेशन यानी प्रमोशन मिलने चाहिए। इस बड़े कदम का सीधा फायदा ग्रुप B और ग्रुप C के कर्मचारियों को मिलेगा। यह प्रस्ताव कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही चिंताओं को दूर करेगा।
मौजूदा समय में सख्त कैडर सिस्टम और उच्च पदों पर वैकेंसी की कमी के कारण निचले स्तर के कर्मचारियों को तरक्की के बेहद सीमित अवसर मिलते हैं। अगर सरकार इस नए प्रस्ताव को मंजूरी दे देती है, तो इससे न सिर्फ कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि दफ्तरों में काम करने का माहौल भी काफी बेहतर होगा।
जानिए क्या है नया करियर प्रोग्रेशन फ्रेमवर्क
NC-JCM की ओर से वेतन आयोग को सौंपे गए मेमोरेंडम में एक खास टाइम-स्केल प्रमोशन सिस्टम का खाका खींचा गया है। इसके अनुसार, कर्मचारियों को उनकी नियुक्ति की तारीख से हर 6 साल के निश्चित अंतराल पर फाइनेंशियल अपग्रेडेशन मिलना चाहिए। इससे समय पर वेतन वृद्धि का रास्ता साफ हो जाएगा।
इस नए फ्रेमवर्क के दायरे में मल्टी-टास्किंग स्टाफ (MTS), ड्राइवर, क्लर्क, स्टेनोग्राफर, स्टोरकीपर, टेलीफोन ऑपरेटर, रसोइए और फायरफाइटिंग स्टाफ जैसे कई पद शामिल हैं। ये ऐसे कर्मचारी हैं जो अक्सर अपनी पूरी सर्विस के दौरान तीन प्रमोशन भी हासिल नहीं कर पाते हैं। नया नियम आने से इन्हें बड़ी राहत मिलेगी।
यूनियनों का तर्क है कि ग्रुप A के अधिकारियों के लिए समय-सीमा आधारित तरक्की का सिस्टम पहले से ही लागू है। इसलिए इसे ग्रुप B और ग्रुप C के कर्मचारियों के लिए भी लागू किया जाना चाहिए। इससे सिस्टम में ज्यादा निष्पक्षता और पारदर्शिता आएगी और छोटे कर्मचारियों का आत्मविश्वास मजबूत होगा।
कब तक लागू होंगी आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें?
अभी ऊंचे पदों पर वैकेंसी कम होने से कर्मचारी ‘मॉडिफाइड एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन’ (MACP) स्कीम पर निर्भर हैं, जिससे बहुत कम वित्तीय लाभ मिलता है। 8वें वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को हुआ था। आयोग ने इसी साल फरवरी में अपनी आधिकारिक वेबसाइट भी लॉन्च कर दी है।
आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय मिला है। यह अवधि अगले साल की पहली छमाही में पूरी हो रही है। यदि सभी प्रक्रियाएं तय समय पर पूरी होती हैं, तो जून 2027 तक सरकार को आयोग की अंतिम सिफारिशें मिल जाएंगी, जिसके बाद इसे लागू किया जा सकता है।
Author: Rajesh Kumar


