Business News: आयकर विभाग ने करदाताओं को बड़ी राहत देते हुए संशोधित यानी रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा बढ़ा दी है। अब करदाता अपनी गलतियों को सुधारने के लिए मार्च 2027 तक संशोधित रिटर्न जमा कर सकते हैं। हालांकि, देरी से फाइल करने पर नियम के मुताबिक लेट फीस चुकानी होगी।
आयकर विभाग के नए नियमों के तहत करदाता जनवरी 2027 से मार्च 2027 के बीच अपना संशोधित रिटर्न ऑनलाइन पोर्टल पर जमा कर सकेंगे। यह कदम उन लोगों के लिए बहुत मददगार साबित होगा, जिनसे मुख्य रिटर्न दाखिल करते समय कोई जानकारी छूट गई थी या गलती हुई थी।
देरी पर देना होगा इतना जुर्माना
विभाग ने स्पष्ट किया है कि समयसीमा बढ़ने के बावजूद करदाताओं को विलंब शुल्क यानी लेट फीस का भुगतान करना होगा। जिन करदाताओं की वार्षिक आय 5 लाख रुपये तक है, उन्हें 1,000 रुपये का जुर्माना देना पड़ेगा। इससे अधिक आय वालों के लिए यह फीस 5,000 रुपये तय की गई है।
कर विशेषज्ञों के अनुसार, अब आयकर विभाग के पास तकनीकी रूप से बहुत ज्यादा डेटा मौजूद रहता है। विभाग को सीधे बैंकों, म्यूचुअल फंड कंपनियों, ब्रोकरेज फर्मों और नियोक्ताओं से आपके वित्तीय लेनदेन की पूरी जानकारी मिल जाती है। इसलिए अब किसी भी तरह की कमाई को छिपाना नामुमकिन हो गया है।
सत्यापन के बाद ही दाखिल करें रिटर्न
विशेषज्ञों ने करदाताओं को सलाह दी है कि वे अपना संशोधित रिटर्न पोर्टल पर अपलोड करने से पहले सभी वित्तीय विवरणों का सावधानीपूर्वक मिलान कर लें। एआईएस (AIS) और फॉर्म 26एएस (26AS) का सत्यापन करना बहुत जरूरी है ताकि भविष्य में किसी भी तरह के नोटिस से बचा जा सके।
नियमों में ढील मिलने से उन नौकरीपेशा और व्यापारियों को बड़ी राहत मिली है, जो किसी वजह से पहले सही डेटा नहीं दे पाए थे। आयकर विभाग लगातार अपनी तकनीकी व्यवस्था को मजबूत कर रहा है ताकि टैक्स चोरी पर लगाम लगाई जा सके और ईमानदार करदाताओं को सुविधा मिल सके।
Author: Rajesh Kumar


