World News: ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध में डोनाल्ड ट्रंप ने 48 घंटे का अल्टीमेटम देकर ईरान से हमले रोकने को कहा था। ईरान ने जंग नहीं रोकी तो ट्रंप ने 48 घंटे बीतने से पहले ही एकतरफा युद्ध विराम का ऐलान कर दिया। यह फैसला उनकी अपनी पिछली धमकी से उलट था। सवाल यह है कि आखिर किन मजबूरियों के चलते ट्रंप को अपनी बात से मुकरना पड़ा।
ईरान की धमकी से बाजार में मची थी हलचल
ट्रंप नेजंग के 23वें दिन ईरान को चेतावनी दी थी कि अगर हमले नहीं रुके तो अमेरिका ईरान के सभी पावर प्लांट तबाह कर देगा। इस पर ईरान ने तुरंत पलटवार करते हुए कहा कि अगर अमेरिका ने हमला किया तो ईरान इजरायल के पावर प्लांट को पूरी तरह नष्ट कर देगा। इस खबर के बाद दुनियाभर के बाजार गिरने लगे। कच्चे तेल के दाम बढ़ने लगे और महंगाई पर असर पड़ा। सबसे अधिक नुकसान अमेरिका में देखा गया।
शेयर बाजार में भारी गिरावट के आंकड़े
जंग शुरूहोने के बाद से ही अमेरिकी बाजार लगातार गिर रहा था। 20 मार्च को डॉव जोन्स में 400 अंकों से अधिक की गिरावट आई। 28 फरवरी से लेकर ईरान की धमकी तक डॉव जोन्स 7 फीसदी तक लुढ़क गया। एसएंडपी 500 में 5 फीसदी और नैस्डैक में 4.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। रसेल 2000 इंडेक्स तो 10 फीसदी से अधिक टूटकर करेक्शन टेरिटरी में पहुंच गया। कच्चे तेल की कीमतें 119 डॉलर प्रति बैरल तक जा पहुंची और अमेरिका में गैस के दाम 3.88 डॉलर प्रति गैलन के स्तर को पार कर गए।
निवेशकों का गुस्सा और ट्रंप की मजबूरी
बढ़तीमहंगाई, गिरते शेयर बाजार और ऊंचे तेल के दामों से अमेरिकी निवेशक ट्रंप को जिम्मेदार ठहराने लगे। इससे बचने का एकमात्र रास्ता बाजार को यह भरोसा दिलाना था कि जंग जल्द खत्म होगी। यही वजह रही कि ट्रंप ने अपनी ही धमकी से पलटते हुए युद्ध विराम का ऐलान कर दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत चल रही है और अगले पांच दिनों तक कोई हमला नहीं होगा।
सीजफायर के बाद बाजार में उछाल
ट्रंप केइस बयान से निवेशकों को भरोसा हो गया कि जंग अब रुकने वाली है। 23 मार्च को शेयर बाजार खुलते ही तेजी देखने को मिली। डॉव जोन्स 1,000 अंक से अधिक उछल गया। एसएंडपी 500 और नैस्डैक में भी 2 फीसदी से अधिक की बढ़त दर्ज हुई। कच्चे तेल की कीमत में 10 डॉलर प्रति बैरल की गिरावट आई और यह 100 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
इनसाइडर ट्रेडिंग के आरोप
द गार्जियन और फाइनेंशियल टाइम्स कीरिपोर्ट्स में इनसाइडर ट्रेडिंग के मामले सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ चुनिंदा लोगों को पहले से ही सीजफायर की जानकारी थी। उन्होंने तेल और शेयर बाजारों में सट्टेबाजी कर करीब 580 मिलियन डॉलर के सौदे किए। कुछ सटोरियों ने 70 हजार डॉलर लगाकर 8 लाख डॉलर तक कमाए। ईरान ने बाद में साफ किया कि उसकी ट्रंप से कोई बातचीत नहीं हुई है। फिलहाल युद्ध जारी है और ईरान इजरायल पर हमले कर रहा है।


