World News: मिडिल ईस्ट में सुलग रही जंग की आग अब पूरी दुनिया को भस्म करने की ओर बढ़ रही है। यह सिर्फ दो या तीन देशों की सीमाओं की लड़ाई नहीं रह गई है। वर्ल्ड फूड प्रोग्राम (WFP) की एक नई और खौफनाक रिपोर्ट ने दुनिया भर की नींद उड़ा दी है। अगर अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच यह खूनी खेल नहीं रुका, तो करोड़ों लोग दाने-दाने को मोहताज हो जाएंगे। युद्ध से पैदा हुए ऊर्जा संकट और टूटती सप्लाई चेन ने महंगाई को बेकाबू कर दिया है। दुनिया अब एक ऐसे भयानक मानवीय संकट के मुहाने पर खड़ी है, जिसका सीधा खामियाजा हर आम आदमी को अपनी थाली से चुकाना पड़ेगा।
4.5 करोड़ लोगों पर मंडराया भीषण भुखमरी का साया
विश्व खाद्य कार्यक्रम ने एक बहुत ही डरावनी चेतावनी जारी की है। इस ताजा विश्लेषण के मुताबिक मध्य पूर्व की जंग से खाने-पीने की चीजों के दाम बेतहाशा बढ़ रहे हैं। हालात जल्द काबू में नहीं आए तो दुनिया भर में 4.5 करोड़ नए लोग भयानक भुखमरी का शिकार हो जाएंगे। इस नए आंकड़े के जुड़ने से दुनिया में खाद्य संकट से जूझने वालों की कुल संख्या 36.3 करोड़ तक पहुंच जाएगी। यह पूरी इंसानियत और वैश्विक इतिहास का एक बेहद चिंताजनक रिकॉर्ड बन सकता है।
100 डॉलर प्रति बैरल के पार जा सकता है कच्चा तेल
इस विनाशकारी जंग का सबसे बड़ा और सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ रहा है। डब्ल्यूएफपी की रिपोर्ट कहती है कि अगर यह युद्ध जून तक ऐसे ही चला, तो कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जा सकता है। ईंधन महंगा होने से खेती और माल ढुलाई की लागत सीधे तौर पर आसमान छूने लगेगी। जब परिवहन महंगा होता है, तो खाने का सामान भी बहुत महंगा हो जाता है। इसका सारा बोझ आम आदमी की जेब और उसकी रसोई के सीमित बजट पर पड़ता है।
टूट रही सप्लाई चेन, हजारों मील दूर बैठे लोग भी परेशान
लगातार जारी युद्ध की वजह से समुद्री और जमीनी व्यापारिक रास्ते बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। सामानों की आवाजाही रुकने से बाजारों में जरूरी चीजों की भारी कमी होने लगी है। डब्लूएफपी का साफ कहना है कि युद्ध क्षेत्र से हजारों मील दूर बैठे परिवार भी इस आर्थिक तबाही को झेल रहे हैं। सप्लाई चेन टूटने का सीधा मतलब है कि अनाज समय पर लोगों तक नहीं पहुंच रहा है। इससे हर जरूरी चीज की कीमत आम लोगों की पहुंच से बहुत दूर होती जा रही है।
शांति की कोशिशें तेज, जून तक समाधान नहीं तो महाविनाश
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच इस खौफनाक जंग को आज पूरे 25 दिन हो गए हैं। दोनों तरफ से घातक हमले लगातार जारी हैं। लेकिन इन सबके बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति की कोशिशें भी तेज कर दी गई हैं। कई बड़े देश इस संकट को खत्म करने के लिए बीच-बचाव कर रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी तनाव कम करने के अहम संकेत दिए हैं। अगर जून तक कोई शांति समझौता नहीं हुआ, तो दुनिया को एक अकल्पनीय मानवीय और आर्थिक तबाही के लिए तैयार रहना होगा।


