Bratislava News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी दो देशों की यूरोप यात्रा के दूसरे चरण में रविवार को स्लोवाकिया गणराज्य पहुंचे। वहां राजधानी ब्रातिस्लावा में उनका भव्य और ऐतिहासिक स्वागत किया गया। होटल पहुंचने पर पीएम मोदी ने गर्मजोशी से भारतीय समुदाय के लोगों का अभिवादन स्वीकार किया।
राजधानी में पीएम मोदी के विशेष स्वागत में स्थानीय लोगों ने पूरी देशभक्ति के साथ ‘वंदे मातरम’ का गान किया। इसके साथ ही स्लोवाकिया के प्रसिद्ध म्यावा क्षेत्र के ‘कोपानिसियारिक’ नामक मशहूर बाल लोक-नृत्य समूह ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा में शानदार स्लोवाक लोक नृत्य भी पेश किया।
ब्रातिस्लावा के होटल में ‘लुसनिका एन्सेम्बल’ ग्रुप से जुड़े स्लोवाक युवाओं ने जब ‘वंदे मातरम’ की मधुर प्रस्तुति दी, तो पीएम मोदी मंत्रमुग्ध हो गए। इसी ग्रुप ने पिछले साल भारतीय राष्ट्रपति के स्लोवाकिया दौरे पर भी ‘वंदे मातरम’ का शानदार गायन प्रस्तुत किया था।
इस सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान एक अन्य स्थानीय म्यूजिकल बैंड ने ‘महादेव कीर्तन प्रोजेक्ट’ की बेहद खूबसूरत आध्यात्मिक प्रस्तुति दी। प्रधानमंत्री ने इस पावन कीर्तन का पूरा आनंद लिया। वहां मौजूद प्रवासी भारतीयों ने भी महादेव के जयकारों से पूरे होटल परिसर को गुंजायमान कर दिया।
जानिए ब्रेड और नमक से स्वागत की अनोखी परंपरा
होटल पहुंचने पर स्लोवाक संस्कृति के अनुसार पीएम मोदी का ब्रेड और नमक देकर बेहद गर्मजोशी से स्वागत किया गया। स्लोवाकिया में ब्रेड और नमक के साथ मेहमानों का पारंपरिक स्वागत करना उनकी संस्कृति में गहरी मेहमाननवाजी, सम्मान और आपसी सद्भावना का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है।
यह अनोखी रस्म किसी भी सम्मानित और विशेष अतिथि के सत्कार के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है। होटल पहुंचने पर पीएम मोदी की अगवानी स्लोवाक गणराज्य के विदेश और यूरोपीय मामलों के मंत्री जुराज ब्लानार ने की थी। उन्होंने ही पीएम मोदी को यह पारंपरिक सम्मान भेंट किया।
इस ऐतिहासिक यात्रा के दौरान पीएम मोदी स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी और प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। इसके साथ ही वे देश के कई बड़े बिजनेस लीडर्स और टॉप कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) से भी मुलाकात कर व्यापार पर चर्चा करेंगे।
स्लोवाकिया की धरती पर कदम रखने वाले पहले भारतीय पीएम
साल 1993 में चेकोस्लोवाकिया के शांतिपूर्ण विभाजन के बाद चेक गणराज्य और स्लोवाकिया नाम के दो नए देश बने थे। साल 1993 में एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में दुनिया के नक्शे पर आए स्लोवाकिया का आधिकारिक दौरा करने वाले नरेंद्र मोदी भारत के पहले प्रधानमंत्री हैं।
ब्रातिस्लावा पहुंचने के बाद पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “यह ऐतिहासिक यात्रा भारत-स्लोवाकिया द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करने और सहयोग के नए रास्ते तलाशने का बड़ा मौका देगी। मैं राष्ट्रपति पेलेग्रिनी और पीएम फिको के साथ सार्थक बैठकों के लिए उत्सुक हूं।”
विदेश मंत्रालय के मुताबिक यह यात्रा पिछले साल अप्रैल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की राजकीय यात्रा और फरवरी 2026 में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के लिए स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पेलेग्रिनी की भारत यात्रा के बाद हो रही है। इससे दोनों देशों के रिश्ते नई ऊंचाइयों पर पहुंचेंगे।
स्लोवाकिया से दोबारा फ्रांस लौटेंगे प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री मोदी फ्रांसीसी शहर नीस में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ महत्वपूर्ण बातचीत के बाद दो दिन की यात्रा पर स्लोवाकिया आए हैं। स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पेलेग्रिनी ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर पीएम मोदी की इस यात्रा को बेहद ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण बताया है।
पीएम मोदी मंगलवार को स्लोवाकिया का दौरा पूरा कर वापस फ्रांस लौटेंगे। वे 16-17 जून को एवियन शहर में आयोजित होने वाले जी7 शिखर सम्मेलन में विशेष अतिथि के रूप में शामिल होंगे। सम्मेलन में वे अंतरराष्ट्रीय सहयोग, आर्थिक विकास और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे मुद्दों पर बात करेंगे।
उनकी इस कूटनीतिक यात्रा का अंतिम चरण 18 जून को पेरिस में समाप्त होगा। पेरिस में पीएम मोदी राष्ट्रपति मैक्रों के साथ यूरोप के सबसे बड़े टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप शो ‘विवाटेक 2026’ इवेंट में हिस्सा लेंगे, जहां भारतीय स्टार्टअप्स को एक बड़ा वैश्विक मंच मिलेगा।
Author: Pallavi Sharma


