Business News: भारतीय शेयर बाजार में आज मेटल सेक्टर के शेयरों में जोरदार गिरावट देखने को मिली है। वेदांता लिमिटेड, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और नाल्को जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयर पांच प्रतिशत तक टूट गए। इस अचानक आई गिरावट से बाजार के बड़े निवेशकों में खलबली मच गई है।
ग्लोबल शांति समझौते से कमोडिटी मार्केट पर बना दबाव
ग्लोबल स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच एक बड़ा शांति समझौता हुआ है। इस डील के बाद अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी मार्केट में एल्युमिनियम की कीमतों पर भारी दबाव बढ़ गया है। मध्य पूर्व से सप्लाई बाधित होने का खतरा पूरी तरह टल गया है। इसी वजह से बढ़ा हुआ सप्लाई रिस्क प्रीमियम अब खत्म हो रहा है।
लंदन मेटल एक्सचेंज पर एल्युमिनियम की कीमतें गिरकर पिछले दो महीने के निचले स्तर पर आ गई हैं। इस प्राइस करेक्शन का सीधा नुकसान भारत की एल्युमिनियम उत्पादक कंपनियों को उठाना पड़ा है। घरेलू बाजार में मेटल इंडेक्स पर दबाव बढ़ते ही निवेशकों ने तेजी से प्रॉफिट बुकिंग शुरू कर दी।
कमजोर मांग और मजबूत डॉलर ने बढ़ाई कंपनियों की मुश्किलें
बाजार एक्सपर्ट्स के मुताबिक चीन और यूरोप में मेटल की मांग को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। इससे ग्लोबल मेटल डिमांड आउटलुक पर बुरा असर पड़ रहा है। दूसरी तरफ मजबूत होता डॉलर भी कमोडिटी कीमतों को नीचे खींच रहा है। इससे एल्युमिनियम और अन्य धातुओं में लगातार कमजोरी दिख रही है।
हालांकि विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक जोखिम कम होने से कच्चे तेल की कीमतें जल्द स्थिर होंगी। यह स्थिति लंबे समय के लिए पूरे शेयर बाजार के लिए सकारात्मक साबित हो सकती है। लेकिन शॉर्ट टर्म में एल्युमिनियम सेक्टर के शेयरों में उतार-चढ़ाव और दबाव का दौर जारी रहने की पूरी संभावना है।
Author: Rajesh Kumar


