Evian News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस के खूबसूरत शहर एवियन पहुंच गए हैं। वे यहां 15 से 17 जून तक चलने वाले 52वें जी-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं। इस बार दुनिया की सात सबसे बड़ी औद्योगिक अर्थव्यवस्थाओं के इस महामंच की मेजबानी फ्रांस कर रहा है।
इस प्रतिष्ठित समूह में फ्रांस, अमेरिका, जर्मनी, ब्रिटेन, जापान, इटली और कनाडा जैसे शक्तिशाली देश शामिल हैं। भारत को इस साल भी विशेष तौर पर एक प्रमुख पार्टनर देश के रूप में आमंत्रित किया गया है। यह वैश्विक मंचों पर भारत के बढ़ते दबदबे और मजबूत कूटनीतिक साख को दर्शाता है।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर यह 13वीं बार है जब भारत इस बेहद महत्वपूर्ण जी-7 बैठक का हिस्सा बन रहा है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व्यक्तिगत तौर पर लगातार सातवीं बार देश का नेतृत्व कर रहे हैं। कुल मिलाकर वह आठवीं बार इस शिखर सम्मेलन में भारत का मजबूत पक्ष रखने पहुंचे हैं।
डोनाल्ड ट्रंप के साथ महामुलाकात पर टिकीं निगाहें
इस बड़े कूटनीतिक दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी कई ताकतवर वैश्विक नेताओं के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। उनके व्यस्त शेड्यूल में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर शामिल हैं। इसके साथ ही वे यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से भी मिलेंगे।
पूरी दुनिया की नजरें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पीएम मोदी के बीच होने वाली सीधी मुलाकात पर टिकी हैं। व्हाइट हाउस ने इस बात की आधिकारिक पुष्टि की है कि दोनों शीर्ष नेता 17 जून को मिलेंगे। कूटनीतिक सूत्रों के अनुसार यह द्विपक्षीय वार्ता शाम करीब 6:15 बजे होने की संभावना है।
व्यापार समझौते और वैश्विक मुद्दों पर होगी चर्चा
पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की इस मुलाकात में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को तेजी से आगे बढ़ाने पर चर्चा होगी। दोनों मित्र देशों के बीच व्यापारिक और तकनीकी सहयोग को लेकर पहले ही कई दौर की बातचीत हो चुकी है। इस बैठक से दोनों देशों के रिश्तों को एक नई दिशा मिलेगी।
प्रधानमंत्री मोदी इस शिखर सम्मेलन के एक बेहद खास वर्किंग सेशन को भी संबोधित करेंगे। इस सत्र का मुख्य विषय “नई साझेदारियां बनाना और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता को फिर से मजबूत करना” रखा गया है। इसमें विश्व बैंक और अफ्रीकन डेवलपमेंट बैंक जैसी बड़ी वैश्विक संस्थाओं के प्रतिनिधि भी शामिल हो रहे हैं।
इस वैश्विक चर्चा का मुख्य फोकस आर्थिक चुनौतियां और टिकाऊ विकास पर रहने वाला है। भारत की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जलवायु परिवर्तन, वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और विकासशील देशों की आवाज को पुरजोर तरीके से उठाएंगे। एवियन पहुंचने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर वैश्विक कल्याण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।
Author: Pallavi Sharma


