Global News: वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, पिछले कुछ घंटों के दौरान रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण ‘होर्मुज स्ट्रेट’ से लगभग 30 जहाजों ने सफलतापूर्वक अपना सफर पूरा किया है। ईरान द्वारा चीनी जहाजों सहित कुछ अन्य मालवाहक पोतों को आवागमन की अनुमति देने के बाद वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तत्काल गिरावट दर्ज की गई। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब इस समुद्री मार्ग पर तनाव के कारण तेल की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित थी।
होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों के सुरक्षित गुजरने की खबर मिलते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude Oil) के दाम नीचे आ गए। ब्रेंट क्रूड का भाव अपने 107.13 डॉलर प्रति बैरल के उच्च स्तर से गिरकर 104.90 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया। इसी तरह, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) फ्यूचर्स में भी 0.5 फीसदी की गिरावट देखी गई और यह 100.50 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता नजर आया। आपूर्ति बहाल होने की उम्मीद ने निवेशकों की चिंता को कुछ कम किया है।
ट्रंप और शी चिनफिंग के बीच ‘एनर्जी कॉरिडोर’ खोलने पर बनी बड़ी सहमति
बीजिंग में आयोजित एक महत्वपूर्ण शिखर वार्ता के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने होर्मुज स्ट्रेट के मुद्दे पर व्यापक चर्चा की। व्हाइट हाउस के अनुसार, दोनों नेताओं ने इस बात पर अपनी मजबूत सहमति जताई कि वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खुला रखा जाना चाहिए। दोनों महाशक्तियों ने ऊर्जा के मुक्त प्रवाह को विश्व अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए इस समुद्री मार्ग को सैन्य तनाव से मुक्त रखने की वकालत की है।
गौरतलब है कि अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष के कारण यह मार्ग पिछले कई महीनों से अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा था। ईरान ने इस रास्ते पर अपना कड़ा नियंत्रण स्थापित कर लिया है, जिससे केवल उन्हीं जहाजों को अनुमति मिल रही है जिन्हें ईरानी अधिकारियों से हरी झंडी प्राप्त है। हालांकि, चीन के साथ हालिया कूटनीतिक समन्वय और अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद ईरान ने अपनी सख्ती में थोड़ी ढील दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह मार्ग सुचारू रहता है, तो आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों में और अधिक राहत मिल सकती है।

