World News: ईरान युद्ध को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान अमेरिका के साथ डील करने को बेताब है। वहीं, ईरान ने बातचीत की किसी भी संभावना से इनकार करते हुए कहा कि युद्ध उसकी शर्तों पर खत्म होगा। दोनों पक्षों के विरोधाभासी बयानों ने स्थिति को और पेचीदा कर दिया है।
ट्रंप ने क्या कहा?
एक फंडरेजर इवेंट मेंट्रंप ने कहा कि ईरान की टॉप लीडरशिप खुलकर डील की बात नहीं कह पा रही है क्योंकि उन्हें डर है कि वे अपने ही लोगों के हाथों मारे जाएंगे। उन्होंने कहा कि ईरान जैसे देश का प्रमुख होना इस वक्त शायद ही कोई चाहे। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान हमारे साथ डील करने को बेताब है।
ईरान का सख्त रुख
ईरान केसरकारी टीवी चैनल ‘प्रेस टीवी’ ने एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से कहा कि ईरान युद्ध अपनी शर्तों पर खत्म करेगा। विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने कहा कि अमेरिका ने मध्यस्थ देशों के जरिए संदेश भेजे हैं, लेकिन ईरान ने अपनी स्थिति बताकर चेतावनी के साथ जवाब दिया है। उन्होंने साफ किया कि यह न तो बातचीत है और न ही मोल-भाव। ईरान की नीति अब भी अपनी सुरक्षा करने की है और अभी बातचीत का कोई इरादा नहीं है।
अमेरिका पर भरोसा नहीं
बीबीसीफारसी सेवा के संपादक के अनुसार, यह असहमति दोनों पक्षों के बीच गहरे अविश्वास को दिखाती है। इस युद्ध के दौरान दो बार ऐसा हुआ जब तनाव कम होने की उम्मीद जगी, लेकिन उसके बाद ईरान पर हमले हुए। ईरान के नजरिए से बातचीत ने युद्ध की संभावना कम नहीं की। यही वजह है कि ट्रंप के दावों को ईरान शक की नजर से देख रहा है।
किसकी चल रही है बात?
बीबीसीके सुरक्षा संवाददाता के अनुसार, अमेरिका से ईरान तक संदेश पाकिस्तान जैसे मध्यस्थ देशों के जरिए पहुंच रहे हैं। लेकिन यह ‘समझौते’ जैसी स्थिति नहीं है। अमेरिका और इजरायल को उम्मीद थी कि उनकी ताकत से ईरानी शासन का पतन तय है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हर दिन ईरानी शासन के टिके रहने से वहां की लीडरशिप का आत्मविश्वास बढ़ता दिख रहा है। फिलहाल स्थिति रूस-यूक्रेन युद्ध की तरह गतिरोध की ओर बढ़ती दिख रही है।


