World News: पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर में नागरिक अधिकारों के लिए चल रहा जन आंदोलन अब हिंसक मोड़ ले चुका है। शाहबाज शरीफ सरकार ने आंदोलन को दबाने के लिए क्रूर हथकंडे अपनाना शुरू कर दिया है। प्रशासन ने प्रतिबंधित संगठन ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी के चार बड़े नेताओं की गिरफ्तारी पर एक करोड़ रुपये के इनाम की घोषणा की है।
पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के बर्बर क्रैकडाउन में 100 से अधिक मौतें
पीओके में पिछले कुछ दिनों के दौरान पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने बेहद बर्बर क्रैकडाउन किया है। इस दमनकारी कार्रवाई में अब तक 100 से अधिक निर्दोष प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है। जबकि पुलिसिया लाठीचार्ज और गोलीबारी में 400 से ज्यादा स्थानीय नागरिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
यह प्रतिबंधित संगठन क्षेत्र में बढ़ती भयंकर महंगाई, बेरोजगारी और बिजली की भारी किल्लत के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहा था। हालांकि, बौखलाए पाकिस्तानी प्रशासन ने इस जन संगठन को जबरन आतंकी घोषित कर दिया। सरकार ने इस पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है, जिसे नागरिकों ने काला कानून बताया है।
भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर मानवाधिकार उल्लंघन का मुद्दा उठाया
भारत सरकार ने पीओके में आम नागरिकों पर हो रहे इस अमानवीय अत्याचार पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नई दिल्ली में आधिकारिक बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पाकिस्तान के इन काले कुकर्मों और मानवाधिकारों के उल्लंघन के खिलाफ तुरंत सख्त एक्शन लेना चाहिए।
अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी पाकिस्तान सरकार द्वारा किए जा रहे अत्यधिक बल प्रयोग और इंटरनेट ब्लैकआउट पर गंभीर चिंता जताई है। पूरे क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क ठप होने से हालात और बदतर हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार उनकी आवाज को बंदूकों के दम पर दबाना चाहती है।
Author: Pallavi Sharma


