World News: अमेरिका की प्रतिष्ठित स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में गूगल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुंदर पिचाई को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। इस विशेष कार्यक्रम के दौरान आक्रोशित छात्रों ने उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस तीखे विरोध प्रदर्शन के बाद कई छात्र बीच में ही वॉकआउट कर गए।
अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सुंदर पिचाई जैसे ही मंच पर अपना मुख्य भाषण देने पहुंचे, वहां हंगामा शुरू हो गया। छात्रों के शोरगुल के कारण वहां का माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया। हालांकि यह विरोध प्रदर्शन केवल पिचाई तक सीमित नहीं था, बल्कि अन्य वक्ताओं को भी इसका सामना करना पड़ा।
गूगल और इजरायल सरकार के बीच हुई सीक्रेट डील है मुख्य वजह
विश्वविद्यालय परिसर में मौजूद प्रदर्शनकारी छात्र असल में गूगल और इजरायल सरकार के बीच हुए एक बड़े समझौते का विरोध कर रहे थे। छात्रों ने ‘फ्री फिलिस्तीन’ के समर्थन में बैनर लहराए और तीखे नारे लगाए। छात्रों का गंभीर आरोप है कि गूगल इस समय सीधे युद्ध में मदद कर रहा है।
छात्रों के अनुसार गूगल की यह अत्याधुनिक तकनीक इजरायली सेना को क्लाउड सेवाओं के माध्यम से गुप्त सहायता प्रदान करती है। इसी मानवीय मुद्दे को लेकर पूरे विश्वविद्यालय परिसर में लंबे समय से गहरा असंतोष देखने को मिल रहा था, जो इस बड़े दीक्षांत समारोह के दौरान अचानक फूट पड़ा।
जानिए क्या है 1.2 बिलियन डॉलर का विवादित प्रोजेक्ट निम्बस
गूगल का यह प्रोजेक्ट निम्बस करीब 1.2 बिलियन डॉलर का एक बहुत बड़ा क्लाउड कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अनुबंध है। इजरायल सरकार ने इस विशाल परियोजना की कमान संयुक्त रूप से गूगल और अमेजन जैसी दिग्गज कंपनियों को सौंपी है। इस डील का वैश्विक स्तर पर कड़ा विरोध हो रहा है।
दुनिया भर के कई प्रमुख मानवाधिकार समूहों और जिम्मेदार छात्र संगठनों ने इस गुप्त प्रोजेक्ट तकनीक के दुरुपयोग पर गहरी चिंता जताई है। आलोचकों का मानना है कि इस संवेदनशील तकनीक से आम नागरिकों की निगरानी और सैन्य अभियानों को और घातक बनाने में मदद मिल रही है।
पत्रकारों के तीखे सवालों पर सुंदर पिचाई ने साधी रहस्यमयी चुप्पी
इस बड़े हंगामे के बाद जब अंतरराष्ट्रीय पत्रकारों ने सुंदर पिचाई से छात्रों के विरोध पर सवाल दागे, तो उन्होंने चुप्पी साध ली। उन्होंने इस गंभीर विवाद पर कोई भी सीधा जवाब नहीं दिया। हालांकि उन्होंने अपने आधिकारिक संबोधन के दौरान वर्तमान समय की वैश्विक चुनौतियों का थोड़ा जिक्र जरूर किया।
सुंदर पिचाई ने छात्रों से कहा कि समाचारों को देखकर यह महसूस करना आसान है कि हम चुनौतीपूर्ण दौर में जी रहे हैं। हर पीढ़ी ने अपने समय की अलग-अलग मुश्किलों का डटकर सामना किया है। हम किस दुनिया में पैदा होते हैं, यह हमारे हाथ में बिल्कुल नहीं होता है।
गूगल प्रमुख ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि हम यह तो तय नहीं कर सकते कि हमें कैसे हालात मिलेंगे, लेकिन हम यह जरूर तय कर सकते हैं कि उनका सामना कैसे करना है। इस विरोध प्रदर्शन के बाद भी यूनिवर्सिटी प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में लेकर कार्यक्रम पूरा करवाया।
Reported By: Pallavi Sharma


