Helsinki News: दुनिया भर के विज्ञानी परमाणु कचरे के निपटारे के लिए एक ऐसी ऐतिहासिक तकनीक के करीब पहुंच गए हैं, जो मानव इतिहास को बदल देगी। फिनलैंड में दुनिया का पहला ऐसा अनूठा डस्टबिन बनकर तैयार हो गया है, जहां खतरनाक परमाणु कचरे को डालकर हमेशा के लिए लॉक कर दिया जाएगा।
इस बेहद खास और सुरक्षित परमाणु डस्टबिन को करीब एक लाख वर्षों के लिए पूरी तरह सील किया जाएगा। विज्ञानियों का दावा है कि इस लंबी अवधि में रेडियोएक्टिव पदार्थ खुद ही नष्ट होकर प्राकृतिक यूरेनियम अयस्क जैसी सामान्य स्थिति में बदल जाएगा, जिससे पृथ्वी पर कोई खतरा नहीं रहेगा।
जमीन से 433 मीटर गहरा गड्ढा
इस परमाणु डस्टबिन को दक्षिण-पश्चिम फिनलैंड के यूराजोकी में स्थित घने जंगलों के बीच बनाया गया है। यहां जमीन से लगभग 433 मीटर की गहराई में अरबों वर्ष पुरानी मजबूत चट्टानों को काटकर विशाल सुरंगें बनाई गई हैं। इन सुरंगों में दशकों पुराना घातक रेडियोएक्टिव कचरा दफनाया जाएगा।
दुनिया भर के तमाम परमाणु संयंत्रों से ऐसा खतरनाक कचरा लगातार निकलता है, जो हजारों सालों तक पर्यावरण को नुकसान पहुंचा सकता है। अब तक इस कचरे को ठंडे पानी के अस्थायी कुंडों में रखा जाता था, लेकिन फिनलैंड अब इस गंभीर समस्या का पहला स्थायी समाधान ढूंढ चुका है।
‘ओनकॉलो’ नाम का पहला डस्टबिन
करीब 1.9 अरब वर्ष पुरानी चट्टानों के सीने को चीरकर बनाए गए इस डस्टबिन का नाम ‘ओनकॉलो’ रखा गया है। फिनलैंड की परमाणु सुरक्षा एजेंसी इसी महीने इस प्रोजेक्ट को अपनी अंतिम मंजूरी देने वाली है, जिसके बाद इसे संचालन का मुख्य लाइसेंस मिल जाएगा।
परमाणु संयंत्र संचालित करने वाली कंपनी टीवीओ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी फिलिप बोर्डारियर ने बताया कि इस वर्ष के आखिर तक या अगले वर्ष की शुरुआत में यहां काम शुरू कर दिया जाएगा। इस घोषणा के बाद से वैश्विक वैज्ञानिक समुदाय में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।
सुरक्षा के लिए की गई मल्टी-लेयर कोटिंग
जमीन के ऊपर परमाणु कचरे की छड़ों को सबसे पहले तांबे के बने बेहद मोटे और जंगरोधी डिब्बों में सुरक्षित बंद किया जाएगा। इसके बाद इन भारी डिब्बों को 433 मीटर की गहराई में उतारा जाएगा और सुरंग के फर्श में बने गहरे छेदों में डाल दिया जाएगा।
इन छेदों को पूरी तरह पैक करने के लिए ‘बेंटोनाइट’ नामक विशेष चिकनी मिट्टी का इस्तेमाल होगा, जो गीला होने पर फूलकर अभेद्य सील बन जाती है। इस डस्टबिन में 6500 टन यूरेनियम कचरा रखने की क्षमता है, जहां अगले 100 वर्षों तक कचरा जमा किया जाएगा।
Author: Pallavi Sharma


