नानी का घर छूटा, कोडिंग से नाता जुड़ा! समर वेकेशन में बच्चों ने पकड़ी एआई और रोबोटिक्स की राह

Noida News: बदलते दौर और तकनीक के बढ़ते प्रभाव के कारण बच्चों की गर्मियों की छुट्टियां अब पूरी तरह बदल चुकी हैं। अब बच्चे समर वेकेशन में केवल नानी-दादी के घर जाने के बजाय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की दुनिया से रूबरू हो रहे हैं। वे तकनीक पर आधारित मिनी प्रोजेक्ट्स बनाना सीख रहे हैं।

विभिन्न समर कैंप में बच्चे कोडिंग, रोबोटिक्स, स्पोर्ट्स ट्रेनिंग, पेंटिंग और डिजिटल डिजाइनिंग जैसी आधुनिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। इसके साथ ही वे कई विषयों पर प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट्स भी तैयार कर रहे हैं। तकनीक की यह नई समझ बच्चों को भविष्य के लिए तैयार कर रही है।

करियर की राह आसान बना रहा समर स्कूल

एमिटी यूनिवर्सिटी समर स्कूल के अतिरिक्त निदेशक डॉ. अंजनी कुमार भटनागर ने एक विशेष बातचीत में अहम जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह समर स्कूल कार्यक्रम छात्रों को औपचारिक उच्च शिक्षा में दाखिला लेने से पहले ही उनकी पसंद के करियर के रास्ते खोजने का एक बेहतरीन अवसर प्रदान कर रहा है।

इस संस्थान में छात्र 31 से अधिक आधुनिक विषयों में दो सप्ताह का व्यावहारिक प्रशिक्षण ले रहे हैं। इन विषयों में मुख्य रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एयरोस्पेस, बायोटेक्नोलॉजी, साइबर सुरक्षा, ब्लॉकचेन, डेटा साइंस, फॉरेंसिक साइंस, फैशन डिजाइन, कानून और मैनेजमेंट जैसे करियर ओरिएंटेड कोर्स शामिल हैं।

छात्रों ने साझा किए अपने अनुभव

ग्यारहवीं कक्षा की छात्रा ईशान्या सान्याल ने बताया कि वह अपने कम्युनिकेशन स्किल्स को मजबूत करना चाहती थी, जिसमें इस कार्यक्रम ने मदद की। वहीं दसवीं की छात्रा ओजस्वी चरनालिया पत्रकारिता में करियर बनाना चाहती हैं। इसलिए वह न्यूज बनाने, कैमरा संचालन और एंकरिंग की बारीकियां सीख रही हैं।

फाइन आर्ट्स की छात्रा काव्या बिष्ट एनिमेशन के क्षेत्र में वैचारिक कलाकार बनना चाहती हैं। इसके अलावा बारहवीं के छात्र जिया मोहम्मद बायोटेक में करियर बनाने के लिए पहली बार आधुनिक प्रयोगशालाओं में विशेषज्ञों की देखरेख में बेहतरीन और बड़े प्रयोग करने का अनुभव प्राप्त कर रहे हैं।

पारंपरिक और आधुनिक कलाओं का संगम

एपीजे स्कूल में आयोजित समर एक्टिविटी में छात्रों को सीबीएसई के दिशानिर्देशों के अनुसार भारतीय भाषाओं के बारे में जागरूक किया जा रहा है। इसके साथ ही वहां क्रिएटिव राइटिंग, पेंटिंग और ‘वेस्ट टू बेस्ट’ जैसी पर्यावरण अनुकूल गतिविधियां भी बेहद आसान तरीके से सिखाई जा रही हैं।

दूसरी तरफ आईएमएस नोएडा में विद्यार्थियों को आईटी मॉड्यूल के तहत जनरेटिव एआई, एथिकल हैकिंग और रोबोटिक्स का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। संस्थान की डीन डॉ. वर्तिका चतुर्वेदी ने बताया कि बच्चों को प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, साइबर सुरक्षा, डेटा सुरक्षा और वेबसाइट डिजाइनिंग का व्यावहारिक ज्ञान दिया जा रहा है।

Rashmi Sharma

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