मुगल काल से भी पहले शुरू हुआ था यह अनोखा बैंक, जानिए आज कौन चला रहा है दुनिया का सबसे पुराना वित्तीय संस्थान

International News: दुनिया में बैंकिंग की शुरुआत कारोबार और करेंसी के लेन-देन को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से हुई थी। सबसे पुराने बैंक कई सौ साल पहले यूरोप के देशों में खुले थे। तब व्यापारी और शासक अपने धन की सुरक्षा चाहते थे।

शुरुआती दौर में ये वित्तीय संस्थान मुख्य रूप से बड़े व्यापारियों, राजघरानों और चर्च को अपनी सेवाएं देते थे। समय बीतने के साथ इन्होंने नए नोट जारी करना शुरू किया। इसके बाद जमा स्वीकार करना और विदेश व्यापार के लिए भुगतान संभालना भी शुरू हुआ।

भयानक युद्धों, वैश्विक आर्थिक मंदी और बड़े राजनीतिक बदलावों के बावजूद इनमें से कुछ संस्थान आज भी शान से चल रहे हैं। क्या आप जानते हैं कि दुनिया का सबसे पुराना चालू बैंक कौन सा है? आइए हम आपको इस बेहद ऐतिहासिक बैंक के बारे में बताते हैं।

मुगल सल्तनत से भी पुराना है इसका शानदार इतिहास

बंका मोंटे देई पास्ची डि सिएना एसपीए दुनिया का सबसे पुराना चालू बैंक है। इसे आज लोग मुख्य रूप से बीएमपीएस के नाम से जानते हैं। यह एक मशहूर इटैलियन बैंक है। इसका इतिहास साल 1472 में स्थापित एक ‘माउंट ऑफ पायटी’ से जुड़ा हुआ है।

यह बैंक अपने मौजूदा आधुनिक स्वरूप में साल 1624 में स्थापित हुआ था। इसका मतलब है कि यह वित्तीय संस्थान भारत के मुगल काल से भी पुराना है। हाल ही में मेडियोबंका के अधिग्रहण के बाद यह इटली का तीसरा सबसे बड़ा बैंक बन गया है।

गरीबों की मदद के लिए हुई थी इसकी शुरुआत

इस ऐतिहासिक बैंक की शुरुआत जनरल काउंसिल ऑफ द रिपब्लिक ऑफ सिएना ने की थी। शुरुआत में इसे गरीब और वंचित लोगों की मदद के लिए खोला गया था। इसका उद्देश्य लोगों को बहुत ही वाजिब शर्तों पर लोन देना था।

बैंक से कर्ज लेने के लिए लोगों को गिरवी रखी जाने वाली चीजों को जमानत के तौर पर रखना होता था। समय के साथ बैंक ने अपनी साख बढ़ाई। धीरे-धीरे यह आम नागरिकों के साथ बड़े व्यापारियों के लिए भी भरोसेमंद बनता चला गया।

आर्थिक संकट के बाद सरकार ने संभाली कमान

यूरो जोन के संकट के दौरान इटैलियन सरकारी कर्ज की वजह से बैंक को बड़ा झटका लगा। साल 2012 की पहली छमाही में बैंक को दो बिलियन डॉलर से अधिक का भारी नुकसान हुआ था। इसके बाद बैंक को फिर से अपनी पूंजी जुटानी पड़ी।

साल 2017 में 8.3 अरब यूरो की बड़ी पूंजी वृद्धि की गई। इसके बाद इटली का अर्थव्यवस्था और वित्त मंत्रालय इसका बहुसंख्यक शेयरधारक बन गया। बैंक ने इस संकट के बाद अपने काम करने के तरीकों में कई बड़े और आधुनिक बदलाव किए।

जानिए वर्तमान में किसके पास है कितनी हिस्सेदारी

इस बड़े इटैलियन बैंक की हिस्सेदारी में अब कई बड़े नाम शामिल हो चुके हैं। इटली के अर्थव्यवस्था और वित्त मंत्रालय के पास इसकी 11.731 प्रतिशत हिस्सेदारी है। वहीं ग्रुप्पो फ्रांसिस्को गेटानो कैल्टागिरोन के पास करीब 9.963 प्रतिशत के शेयर मौजूद हैं।

इसके अलावा डेलफिन के पास 9.866 प्रतिशत और बैंको बीपीएम के पास 8.996 प्रतिशत की हिस्सेदारी है। बैंक के बाकी बचे 59.444 प्रतिशत शेयर अन्य छोटे शेयरधारकों के पास हैं। सरकार के आने से बैंक की वित्तीय स्थिति काफी मजबूत हुई है।

भारतीय मुद्रा में तीन लाख करोड़ से ज्यादा है वैल्यू

बंका मोंटे देई पास्ची डि सिएना एसपीए शेयर बाजार में एक लिस्टेड एंटिटी है। इस समय इसकी कुल मार्केट कैपिटल लगभग 2,844 करोड़ यूरो आंकी गई है। अगर इसे भारतीय करेंसी में समझें तो यह करीब 3.15 लाख करोड़ रुपये बैठती है।

आज यह बैंक पूरी दुनिया के लिए केस स्टडी बन चुका है। बैंक का मुख्य उद्देश्य ग्राहकों को अपने व्यवसाय के केंद्र में वापस लाना है। इनोवेशन और रिसोर्सेज के सही उपयोग से यह बैंक लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है।

Author: Pallavi Sharma

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