Delhi News: भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेट कूपर के बीच बृहस्पतिवार को नई दिल्ली में एक बेहद महत्वपूर्ण और व्यापक रणनीतिक वार्ता होगी। इस हाई-प्रोफाइल बैठक में दोनों वैश्विक नेता पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष के कारण अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों से निपटने की साझा रणनीति तैयार करेंगे।
वैश्विक स्थिरता और व्यापार बढ़ाने पर होगी गंभीर चर्चा
ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेट कूपर द्विपक्षीय व्यापार और रक्षा संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से बुधवार शाम को नई दिल्ली पहुंचीं। ब्रिटिश सरकार द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, दोनों देशों के मंत्री पश्चिम एशिया संकट के चलते पैदा हुए आर्थिक संकट को कम करने और अंतरराष्ट्रीय स्थिरता को बनाए रखने के लिए घनिष्ठ सहयोग पर चर्चा करेंगे।
इस बैठक का मुख्य एजेंडा समुद्र में नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करना भी है। ब्रिटिश विदेश मंत्रालय ने साफ कहा है कि कूपर की यह दिल्ली यात्रा भारत के साथ रणनीतिक सहयोग के लिए एक नई और महत्वाकांक्षी दिशा तय करेगी। ब्रिटेन वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में भारत को अपना सबसे शीर्ष और प्राथमिकता वाला साझेदार मानता है।
‘ब्रिटेन-भारत विजन 2035’ की होगी समीक्षा
विदेश मंत्री एस जयशंकर और यवेट कूपर इस बैठक के दौरान ‘ब्रिटेन-भारत विजन 2035’ के तहत अब तक हुई प्रगति की औपचारिक समीक्षा भी करेंगे। इस विजन के तहत आगामी वर्ष के लिए आर्थिक विकास, आधुनिक तकनीक, नवाचार, रक्षा सहयोग, सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और उच्च शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में ब्रिटेन की प्राथमिकताओं को अंतिम रूप दिया जाएगा।
ब्रिटिश विदेश मंत्री कूपर ने दिल्ली आगमन पर कहा कि दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों द्वारा आधुनिक साझेदारी का साझा दृष्टिकोण पेश करने के बाद से ब्रिटेन भारत के साथ रिश्तों को प्राथमिकता दे रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि वर्तमान में चल रही यह द्विपक्षीय साझेदारी तकनीक और व्यापार जैसे महत्वपूर्ण कोर सेक्टरों में लगातार ठोस प्रगति कर रही है।
Author: Pallavi Sharma


