New York News: अमेरिका के न्यू जर्सी में बना स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर वैश्विक स्तर पर सनातन संस्कृति का सबसे बड़ा प्रतीक बनकर उभरा है। रोबिंसविले में स्थित यह भव्य परिसर न केवल एक आध्यात्मिक केंद्र है, बल्कि अपनी बेजोड़ वास्तुकला से पूरी दुनिया के विशेषज्ञों का ध्यान आकर्षित कर रहा है।
मशहूर समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस ने इसे आधुनिक काल में भारत के बाहर निर्मित सबसे विशाल हिंदू मंदिर घोषित किया है। कुल 183 एकड़ के विशाल भूभाग में फैला यह परिसर अक्टूबर 2023 में औपचारिक रूप से आम जनता और दुनिया भर के श्रद्धालुओं के लिए खोला गया था।
प्राचीन ग्रंथों पर आधारित वास्तुकला और अनोखा महामंदिर
इस पूरे भव्य प्रोजेक्ट का मुख्य केंद्र बिंदु यहां बना शानदार ‘महामंदिर’ है। बीएपीएस स्वामीनारायण संस्था के अनुसार इस मुख्य मंदिर की ऊंचाई 191 फीट, चौड़ाई 255 फीट और लंबाई 345 फीट है। यह पूरी संरचना प्राचीन हिंदू शास्त्रों की पारंपरिक मंदिर निर्माण शैली पर आधारित है।
कारीगरों ने मंदिर में नौ आकर्षक शिखरों के साथ पारंपरिक पत्थरों से अब तक का सबसे बड़ा अंडाकार गुंबद बनाया है। मंदिर की दीवारों पर हिंदू दर्शन, कला, संगीत और आध्यात्मिकता के विभिन्न रूपों को दर्शाती 10,000 से अधिक सुंदर मूर्तियां तराशी गई हैं।
हजारों स्वयंसेवकों का अद्भुत श्रमदान और नीलकंठ प्लाजा
संस्था के आध्यात्मिक गुरु प्रमुख स्वामी महाराज ने साल 2008 में जमीन खरीदकर इस बड़े प्रोजेक्ट की नींव रखी थी। इसका वास्तविक निर्माण कार्य 2015 में शुरू हुआ। इस महापरियोजना को पूरा करने में करीब 12,500 से अधिक निष्ठावान स्वयंसेवकों ने अपना बहुमूल्य योगदान दिया है।
मंदिर के निर्माण में लगभग 20 लाख क्यूबिक फीट कीमती पत्थरों का उपयोग हुआ है। कारीगरों और स्वयंसेवकों ने इसके लिए 47 लाख घंटों से अधिक का रिकॉर्ड श्रमदान किया। परिसर के नीलकंठ प्लाजा में भगवान स्वामीनारायण के किशोर रूप की 49 फीट ऊंची भव्य कांस्य प्रतिमा है।
विजिटर्स के लिए कड़े नियम और विवादों पर सफ़ाई
इस ऐतिहासिक और भव्य मंदिर के निर्माण के दौरान कुछ कानूनी विवाद भी सामने आए थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कुछ ठेकेदारों पर भारतीय मजदूरों के आर्थिक शोषण के गंभीर आरोप लगे थे। हालांकि, बीएपीएस संस्था ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए अनैतिक कार्यों से इनकार किया।
यह सक्रिय पूजा स्थल है, इसलिए यहां आने वाले विजिटर्स के लिए कड़े नियम लागू हैं। अक्षरधाम परिसर प्रत्येक मंगलवार को बंद रहता है और बाकी दिन खुला रहता है। परिसर के भीतर श्रद्धालुओं के लिए सख्त ड्रेस कोड का पालन करना और फोटोग्राफी नियमों का ध्यान रखना अनिवार्य है।
Author: Pallavi Sharma

