ओमान तट पर अमेरिकी नौसेना का बड़ा एक्शन: प्रतिबंधों को ठेंगा दिखा रहे पोत पर हमला, 24 भारतीय क्रू मेंबर्स की बची जान!

World News: ओमान के तट के पास सोमवार को एक बेहद चौंकाने वाली अंतरराष्ट्रीय घटना सामने आई है। यहां पलाऊ के ध्वज वाले एक बड़े कमर्शियल टैंकर पोत पर अमेरिकी नौसेना ने अचानक हमला कर दिया। इस जोरदार हमले के बाद उस बड़े पोत में भीषण आग लग गई।

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गनीमत यह रही कि इस पोत पर सवार चालक दल के सभी 24 भारतीय सदस्यों को ओमान के प्राधिकारियों की सूझबूझ और मदद से सुरक्षित बचा लिया गया। इस गंभीर और संवेदनशील मामले से जुड़े अंतरराष्ट्रीय अधिकारियों ने घटना की विस्तृत जानकारी मीडिया के साथ साझा की है।

अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन करने पर हुई बड़ी कार्रवाई

अधिकारियों ने बताया कि ‘एमटी मैरिवेक्स’ नामक इस पोत को अमेरिका के वित्त मंत्रालय की वित्तीय खुफिया और प्रवर्तन एजेंसी यानी विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (OFAC) ने पहले ही ब्लैक लिस्ट में डाला हुआ था। अमेरिकी प्रशासन ने इस विवादित पोत पर कड़े प्रतिबंध लगाए थे।

असल में ओएफएसी ईरानी और रूसी तेल की अवैध बिक्री को लेकर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन करने वाले पोतों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करता है। ओमान के तट के पास अमेरिकी नौसेना की इस कार्रवाई के बाद पोत को भारी नुकसान पहुंचा है।

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ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी तोड़ने की रची जा रही थी साजिश

वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक एमटी मैरिवेक्स भारतीय स्वामित्व वाला पोत नहीं है। इस पोत ने पिछले कुछ दिनों के भीतर ही ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नाकेबंदी से बचकर चुपके से निकल भागने की करीब चार बार नाकाम कोशिशें की थीं।

इससे पहले तीन अलग-अलग मौकों पर अमेरिकी नौसेना की सख्त चेतावनी के बाद यह पोत वापस लौट गया था। लेकिन इस बार पोत ने ओमान के समुद्री क्षेत्र का चालाकी से इस्तेमाल करते हुए अमेरिकी नाकेबंदी को पार करने का एक और बड़ा प्रयास किया था।

पहचान छिपाने के लिए बंद किए सिग्नल उपकरण, दूतावास ने जताया आभार

अमेरिकी रडार और निगरानी तंत्र की नजरों से बचने के लिए इस पोत ने अपने सभी जरूरी सिग्नल उपकरण (ट्रैकिंग सिस्टम) पूरी तरह बंद कर दिए थे। नौसेना अधिकारियों ने कहा कि यह तरीका साफ करता है कि पोत के इरादे बिल्कुल भी ठीक नहीं थे।

अधिकारियों ने यह भी साफ किया कि जब अमेरिकी नौसेना द्वारा इस पोत को समुद्र के बीच निष्क्रिय किया गया, तब वह पूरी तरह खाली था। इस बीच ओमान में मौजूद भारतीय दूतावास ने पोत में सवार सभी भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचाने के लिए स्थानीय ओमान प्राधिकारियों का दिल से आभार जताया है।

Pallavi Sharma

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