Kangra News: पूर्व उद्योग मंत्री एवं भाजपा नेता बिक्रम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने राज्य की सबसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुरक्षा योजना ‘हिमकेयर’ को पूरी तरह खोखला कर दिया है। इससे गरीब और जरूरतमंद मरीजों के स्वास्थ्य का अधिकार छीना जा रहा है।
टांडा मेडिकल कॉलेज की नई अधिसूचना पर खड़े हुए सवाल
भाजपा नेता ने कहा कि टांडा मेडिकल कॉलेज में लागू की गई नई अधिसूचना इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। चुनाव से पहले कांग्रेस ने स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के बड़े-बड़े वादे किए थे। आज जमीनी हकीकत यह है कि कार्ड होने के बावजूद मरीजों को इलाज के लिए जेब से भारी भुगतान करना पड़ रहा है।
सरकार ने दवाइयों की रिइम्बर्समेंट यानी प्रतिपूर्ति को पूरी तरह बंद कर दिया है। इसके साथ ही एमआरआई, सीटी स्कैन, एक्स-रे और लैब जांच जैसी आवश्यक मेडिकल सुविधाओं को सशुल्क बना दिया है। अस्पताल में भर्ती होने के बाद मिलने वाली मुफ्त दवाइयों की सुविधा भी समाप्त कर दी गई है।
सरकारी अस्पतालों में गरीब मरीजों को इलाज के बजाय बिल
बिक्रम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री बार-बार स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के बड़े दावे करते रहते हैं। हकीकत में सरकारी अस्पतालों में गरीब मरीजों को इलाज के बजाय भारी-भरकम बिल थमाया जा रहा है। जिन जरूरतमंद लोगों ने आर्थिक सहायता की उम्मीद में कार्ड बनवाए थे, वे आज सबसे ज्यादा ठगा महसूस कर रहे हैं।
टांडा मेडिकल कॉलेज क्षेत्र का सबसे बड़ा सरकारी स्वास्थ्य संस्थान माना जाता है। यदि यहां हिमकेयर योजना का दायरा लगातार सीमित किया जाएगा, तो दूर-दराज के इलाकों से आने वाले मरीजों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। गरीब परिवारों के लिए निजी अस्पतालों में महंगा इलाज करवाना बिल्कुल नामुमकिन है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि योजना में की गई सभी कटौतियों को तुरंत वापस लिया जाए। पूर्व की तरह दवाइयों, गंभीर जांचों और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं को योजना के अंतर्गत पूरी तरह बहाल किया जाए। प्रदेश की आम जनता के साथ हो रहे इस अन्याय को सरकार तत्काल प्रभाव से रोके।

