Washington News: मध्य पूर्व (Middle East) क्षेत्र में जारी भारी तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। ईरान के सरकारी टेलीविजन ने शुक्रवार सुबह दावा किया कि बुशेहर के जाम प्रांत में एक अमेरिकी विमान को मार गिराया गया है। इस दावे के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हड़कंप मच गया है।
ईरानी मीडिया ने इस दावे के लिए बुशेहर के गवर्नर मसूद तंगेस्तानी के बयान का हवाला दिया। हालांकि, अमेरिकी सेना ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है। अमेरिकी सेना के मुताबिक बुशेहर के पास उनका कोई भी सैन्य विमान नहीं गिराया गया है और स्थिति सामान्य है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दावों को बताया पूरी तरह गलत
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक आधिकारिक पोस्ट साझा की। अमेरिकी सेना ने कहा कि उनका कोई भी एयरक्रॉफ्ट नहीं गिराया गया है। पेंटागन के मुताबिक मध्य पूर्व क्षेत्र में मौजूद उनकी सभी हवाई संपत्तियां पूरी तरह सुरक्षित हैं।
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब दोनों देशों के बीच पर्दे के पीछे शांति वार्ता चल रही है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से बताया कि अमेरिका और ईरान के वार्ताकार संघर्ष-विराम को आगे बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौते के बेहद करीब पहुंच चुके हैं।
इस संभावित समझौते के तहत रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही पर लगी पाबंदियों को हटाने की बात भी शामिल है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से अभी तक इस समझौते के मसौदे को अंतिम मंजूरी नहीं मिल सकी है।
60 दिनों के लिए संघर्ष विराम बढ़ाने पर बनी सहमति
मामले से जुड़े चार अलग-अलग सूत्रों के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच संघर्ष विराम को अगले 60 दिनों के लिए बढ़ाने पर सहमति बनी है। इस अवधि के दौरान वार्ताकार ईरान के परमाणु कार्यक्रम जैसे बेहद जटिल और पुराने विवादित मुद्दों को सुलझाने की कोशिश करेंगे।
यदि दोनों देशों के शीर्ष नेताओं से इस मसौदे को अंतिम मंजूरी मिल जाती है, तो यह शांति की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम होगा। गौर करने वाली बात यह है कि दोनों देशों के बीच यह ताजा जंग इसी साल 28 फरवरी को शुरू हुई थी, जिसके बाद से तनाव चरम पर है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अंतिम मुहर का इंतजार
समाचार एजेंसी एपी ने भी पुष्टि की है कि 60 दिनों के संघर्ष विराम और परमाणु कार्यक्रम पर दोबारा बातचीत शुरू करने के लिए दोनों पक्ष मोटे तौर पर राजी हैं। नाम न छापने की शर्त पर एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि सहमति ज्ञापन पर राष्ट्रपति ट्रंप के हस्ताक्षर होने बाकी हैं।
इस कूटनीतिक हलचल के बीच ईरान की तस्नीम (Tasnim) न्यूज एजेंसी ने अलग दावा किया है। उनके सूत्र के मुताबिक, समझौते का मसौदा अभी तक पूरी तरह फाइनल या कन्फर्म नहीं हुआ है। फिलहाल दोनों देशों की ओर से आधिकारिक बयानों का इंतजार किया जा रहा है।
समझौते के बेहद करीब हैं दोनों देश: जेडी वेंस
इस बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने वाशिंगटन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान सकारात्मक संकेत दिए। उन्होंने कहा कि हम अभी अंतिम समझौते तक नहीं पहुंचे हैं, लेकिन हम इसके बेहद करीब हैं। हमारी टीम इस शांति प्रक्रिया को पूरा करने के लिए लगातार काम कर रही है।
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने आगे कहा कि मैं इस बात की शत-प्रतिशत गारंटी तो नहीं दे सकता कि समझौता हो ही जाएगा, लेकिन मौजूदा प्रगति को देखकर मुझे काफी अच्छा महसूस हो रहा है। पूरी दुनिया की नजरें अब व्हाइट हाउस और तेहरान के अगले कदम पर टिकी हैं।
Author: Pallavi Sharma

