World/International: होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में एक बार फिर वैश्विक तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। ईरान द्वारा खाड़ी क्षेत्र से गुजर रहे चार वाणिज्यिक जहाजों पर ताबड़तोड़ मिसाइलें दागने की सनसनीखेज खबर सामने आई है। इस अचानक हुई सैन्य कार्रवाई से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हड़कंप मच गया है।
इस बड़े मिसाइल हमले के तुरंत बाद ईरान के सरकारी टेलीविजन ने शुक्रवार तड़के एक और बड़ा दावा करते हुए पूरी दुनिया को चौंका दिया। ईरानी मीडिया की ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान के जाम प्रांत के बुशहर क्षेत्र में एक अमेरिकी सैन्य विमान को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है।
ईरानी सरकारी टीवी ने इस बेहद संवेदनशील और बड़े दावे की पुष्टि के लिए बुशहर प्रांत के गवर्नर मसूद तंगेस्तानी के आधिकारिक बयान का हवाला दिया है। हालांकि, ईरान के इस सैन्य दावे पर संयुक्त राज्य अमेरिका (US) या पेंटागन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
वैश्विक तेल आपूर्ति का सबसे बड़ा रूट
पेंटागन की चुप्पी के कारण इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अंतरराष्ट्रीय गलियारों में सस्पेंस और ज्यादा गहरा गया है। गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील समुद्री व्यापारिक मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति का एक बहुत बड़ा हिस्सा गुजरता है।
इस बेहद रणनीतिक रास्ते पर वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाए जाने और अमेरिकी विमान के कथित तौर पर मार गिराए जाने की खबर से दुनिया भर के रक्षा विशेषज्ञ चिंतित हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिकी विमान के नष्ट होने के दावे में सच्चाई हुई, तो यह एक बड़े युद्ध में बदल सकता है।
खाड़ी क्षेत्र में पहले से जारी अशांति के बीच इस नई घटना से दोनों ही महाशक्तियों के बीच पूर्ण सैन्य टकराव की आशंका प्रबल हो गई है। ताजा हालातों को देखते हुए दोनों पक्षों (अमेरिका और ईरान) की ओर से सीमाओं और समुद्री मार्गों पर सैन्य चौकसी को उच्चतम स्तर (हाई अलर्ट) पर बढ़ा दिया गया है।
कच्चे तेल की कीमतों में आ सकता है बड़ा उछाल
दुनिया भर के प्रमुख देश इस बेहद संवेदनशील और विस्फोटक स्थिति पर लगातार अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि खाड़ी क्षेत्र में बढ़े इस ताजा तनाव का सीधा और बड़ा असर वैश्विक शेयर बाजारों और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ना तय है।
यदि यह तनाव लंबे समय तक जारी रहता है या अमेरिका की ओर से इस पर कोई बड़ी जवाबी सैन्य कार्रवाई की जाती है, तो वैश्विक सप्लाई चेन पूरी तरह ठप हो सकती है। फिलहाल व्यापारिक जहाजों को इस रूट से गुजरते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
Author: Pallavi Sharma

