Ambala News: हरियाणा के अंबाला में बुधवार को मौसम ने अचानक करवट ले ली है। जिले के कई इलाकों में हुई झमाझम बारिश से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। इस बदलाव से स्थानीय लोगों को पिछले कई दिनों से जारी भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिली है।
साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनने से बदला उत्तर भारत का मौसम
चौधरी चरणसिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार पंजाब के ऊपर एक मजबूत साइक्लोनिक सर्कुलेशन विकसित हुआ है। इस मौसमी सिस्टम और मानसूनी हवाओं के सक्रिय होने से एक जुलाई की देर रात से ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ते पारे से परेशान लोगों ने इस मानसूनी फुहार के बाद चैन की सांस ली है। इस राहत की बारिश ने पूरे जिले के वातावरण को बेहद ठंडा और सुहावना बना दिया है, जिससे आने वाले दिनों में लू के थपेड़ों से पूरी तरह निजात मिल जाएगी।
दो से छह जुलाई के बीच पूरे सूबे में भारी वर्षा का अलर्ट
मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक राज्य में दो जुलाई से छह जुलाई के दौरान मौसम काफी आक्रामक रह सकता है। इस पूरी अवधि में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होगी। वहीं कुछ संवेदनशील स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की भी संभावना जताई गई है।
विभाग ने दो जुलाई से पूरे हरियाणा में मानसून की रफ्तार तेज होने की पुष्टि की है। इस दौरान सरकारी एजेंसियों को अलर्ट पर रहने को कहा गया है ताकि जलभराव की स्थिति से निपटा जा सके। कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक यह समय पर हो रही बारिश फसलों के लिए भी अमृत समान है।
पंचकूला और गुरुग्राम सहित इन पंद्रह जिलों में बारिश के आसार
आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार आज हरियाणा के पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, जींद और पानीपत में घने बादल छाए रहेंगे। इनके अलावा दक्षिण और मध्य हरियाणा के सोनीपत, रोहतक, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल और नूंह जिलों में भी तेज बारिश के आसार बने हुए हैं।
मौसम विभाग ने इन सभी पंद्रह जिलों के नागरिकों को आकाशीय बिजली चमकने के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। उत्तर भारत में मानसून के इस सक्रिय चरण से दिल्ली एनसीआर समेत हरियाणा के बड़े हिस्से में अधिकतम तापमान सामान्य से तीन से पांच डिग्री नीचे आ सकता है।

