Seoul News: टेक जगत में एक ऐतिहासिक घटना घटी है। सैमसंग ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि उसकी नई Galaxy S26 सीरीज अब एप्पल के एयरड्रॉप को सपोर्ट करेगी। इसका मतलब है कि सैमसंग यूजर्स को अब आईफोन पर फोटो या वीडियो भेजने के लिए व्हाट्सएप की खराब क्वालिटी या किसी थर्ड-पार्टी ऐप की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह कदम एंड्रॉयड और आईफोन के बीच वर्षों से चली आ रही सबसे बड़ी बाधा को खत्म करता है। सैमसंग ने अपने क्विक शेयर फीचर को अपडेट करते हुए उसमें एयरड्रॉप इंटरऑपरेबिलिटी जोड़ दी है।
क्विक शेयर और एयरड्रॉप का हुआ महामिलन
23 मार्च 2026 सेरोलआउट होने वाले इस सॉफ्टवेयर अपडेट के बाद, गैलेक्सी S26 सीरीज के स्मार्टफोन सीधे आईफोन, आईपैड और मैकबुक के साथ फाइल शेयर कर सकेंगे। इस सुविधा के लिए किसी इंटरनेट कनेक्शन की जरूरत नहीं होगी। यह पीयर-टू-पीयर टेक्नोलॉजी पर काम करता है। गूगल के पिक्सल 10 के बाद सैमसंग दूसरा ऐसा ब्रांड बन गया है जिसने एप्पल के इस एक्सक्लूसिव इकोसिस्टम में सेंध लगाई है। टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह कदम मोबाइल टेक्नोलॉजी के इतिहास में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। अब दोनों प्लेटफॉर्म के यूजर्स के बीच फाइल शेयरिंग पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगी।
कैसे काम करेगा यह नया फीचर?
गैलेक्सीS26 यूजर्स को इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए फोन की सेटिंग्स में जाकर क्विक शेयर विकल्प में ‘Share with Apple devices’ को इनेबल करना होगा। वहीं दूसरी ओर आईफोन यूजर को अपना एयरड्रॉप ‘Everyone for 10 minutes’ पर सेट करना होगा। जैसे ही दोनों डिवाइस पास आएंगे, सैमसंग फोन की स्क्रीन पर पास मौजूद आईफोन का नाम दिखने लगेगा। एक सिंगल टैप से भारी-भरकम फाइलें, 4K वीडियो और हाई-रिजॉल्यूशन तस्वीरें बिना किसी क्वालिटी लॉस के ट्रांसफर हो जाएंगी। सुरक्षा के मद्देनजर सैमसंग ने इसे बाय-डिफ़ॉल्ट बंद रखा है, जिसे यूजर अपनी मर्जी से ऑन कर सकते हैं। यह फीचर यूजर्स को सुरक्षा और सुविधा दोनों का विकल्प देता है।
पुराने सैमसंग फोन को भी मिलेगा फायदा?
फिलहाल यह क्रांतिकारीफीचर केवल Galaxy S26, S26+ और S26 Ultra तक ही सीमित है। सैमसंग के मोबाइल डिवीजन के अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि आने वाले महीनों में सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए इसे गैलेक्सी S25 और फोल्डेबल सीरीज जैसे पुराने प्रीमियम डिवाइसेस के लिए भी जारी किया जा सकता है। टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि एप्पल और सैमसंग के बीच यह फाइल-शेयरिंग समझौता असल में यूरोपीय संघ और अन्य वैश्विक नियमों के दबाव का परिणाम है। ये नियम टेक कंपनियों को एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इससे भविष्य में दोनों प्लेटफॉर्म के बीच और भी इंटीग्रेशन की संभावना बढ़ गई है।


