New Delhi News: आज डिजिटल पेमेंट रोजमर्रा की जरूरत बन गया है। हम चाय की दुकान से शॉपिंग मॉल तक यूपीआई का इस्तेमाल करते हैं। इसके लिए ज्यादातर लोग फोनपे, गूगल पे और पेटीएम जैसे ऐप्स पर निर्भर हैं। लेकिन मशहूर साइबर एक्सपर्ट ने इन ऐप्स के इस्तेमाल को लेकर बड़ी चेतावनी दी है।
मशहूर साइबर एक्सपर्ट अमित दुबे का एक पॉडकास्ट इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में उन्होंने डिजिटल पेमेंट करने वालों को अलर्ट किया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि लोगों को थर्ड पार्टी यूपीआई ऐप्स से पेमेंट करने से बचना चाहिए। एक्सपर्ट इन लोकप्रिय ऐप्स के इस्तेमाल को बिल्कुल सुरक्षित नहीं मानते हैं।
अमित दुबे के मुताबिक हमें हमेशा अपने बैंक के आधिकारिक ऐप से ही यूपीआई पेमेंट करना चाहिए। देश के लगभग सभी प्रमुख बैंक यह सुविधा देते हैं। चाहे आपका खाता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में हो या फिर कोटक महिंद्रा और आईसीआईसीआई बैंक में, आप इनके मोबाइल ऐप के जरिए बहुत ही सुरक्षित तरीके से पैसों का लेनदेन कर सकते हैं।
थर्ड पार्टी ऐप्स से क्यों है बड़ा खतरा?
एक्सपर्ट का कहना है कि लोगों को अलग से यूपीआई ऐप रखने की कोई जरूरत नहीं है। गूगल पे और फोनपे जैसे ऐप्स के पास पेमेंट की पावर नहीं होती है। ये ऐप्स केवल एनपीसीआई को रिक्वेस्ट भेजने का काम करते हैं। इसके बाद पेमेंट प्रोसेस होता है। असल में लेन-देन का यह सारा जरूरी काम सिर्फ एनपीसीआई करता है।
इन ऐप्स को लेकर सबसे बड़ी दिक्कत फ्रॉड के समय आती है। मान लीजिए आपने पेटीएम से कोई लेनदेन किया और आपके साथ धोखाधड़ी हो गई। जब आप इन थर्ड पार्टी ऐप्स के कस्टमर केयर से संपर्क करेंगे, तो वो सीधे हाथ खड़े कर देंगे। वो कहेंगे कि उनके पास ऐसी कोई डिटेल नहीं है। इससे ग्राहक बहुत परेशान हो जाता है।
बैंकिंग ऐप्स का इस्तेमाल है ज्यादा सुरक्षित
अगर आप थर्ड पार्टी ऐप की जगह सीधे बैंकिंग ऐप से पेमेंट करते हैं, तो सुरक्षा बढ़ जाती है। धोखाधड़ी होने पर बैंक पूरी जिम्मेदारी के साथ मदद करेगा। बैंक आपको एक भरोसेमंद रिलेशनशिप मैनेजर भी उपलब्ध कराता है। आपके पास बैंक का सीधा कॉन्टैक्ट नंबर होता है, जहां आप अपनी समस्या को विस्तार से बता सकते हैं।
थर्ड पार्टी एग्रीगेटर ऐप्स केवल एक माध्यम की तरह काम करते हैं। इसलिए बैंकिंग ऐप से पेमेंट करना ही सबसे समझदारी भरा कदम है। इससे ग्राहकों को अपनी बात रखने के लिए एक मजबूत प्लेटफॉर्म मिलता है। अगर आपके साथ कभी भी कोई साइबर फ्रॉड होता है, तो तुरंत नेशनल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
Author: Mohit

