Uttarakhand News: हरिद्वार की हरकी पैड़ी पर ‘एक्स मुस्लिम यात्रा’ को लेकर भारी विवाद खड़ा हो गया है। उत्तर प्रदेश के बिजनौर से शुरू हुई यह यात्रा रविवार को ब्रह्मकुंड पहुंची थी। यात्रा में शामिल लोगों का दावा है कि उन्होंने इस्लाम छोड़कर सनातन धर्म अपना लिया है। हालांकि, श्री गंगा सभा ने इस यात्रा पर गंभीर आपत्ति जताई है। सभा का आरोप है कि कुछ लोग हरकी पैड़ी क्षेत्र में गोल टोपी पहनकर घुसे थे। इस घटना के बाद स्थानीय पुजारियों और हिंदू संगठनों में भारी रोष है।
श्री गंगा सभा ने दी एफआईआर की चेतावनी
श्री गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम ने इस मामले में कड़ी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन से झूठी अनुमति लेकर नियमों का खुला उल्लंघन किया गया है। हरकी पैड़ी के बायलॉज के अनुसार, इस पवित्र क्षेत्र में गैर-हिंदुओं का प्रवेश पूरी तरह से वर्जित है। सभा ने आरोप लगाया है कि वीडियो में कई लोग मुस्लिम टोपी पहने हुए साफ दिखाई दे रहे हैं। श्री गंगा सभा ने ऐसे लोगों के खिलाफ जल्द से जल्द एफआईआर दर्ज करने की सख्त चेतावनी दी है।
‘घर वापसी’ करने वालों का क्या है दावा?
दूसरी ओर, यात्रा में शामिल इमरोज आलम और अन्य सदस्यों ने अपना पक्ष रखा है। उनका कहना है कि वे सभी अपनी स्वेच्छा से इस्लाम छोड़कर सनातन धर्म में वापस लौट आए हैं। उन्होंने अपनी ‘घर वापसी’ के बाद मां गंगा की पूजा अर्चना करने के लिए इस पदयात्रा का आयोजन किया था। उनका मुख्य उद्देश्य यह संदेश देना था कि सनातन धर्म अपनाने के बाद उन्हें किसी भी प्रकार से प्रताड़ित न किया जाए। इस यात्रा में कई हिंदू संगठनों के लोग और साधु-संत भी शामिल हुए थे।
संत पर लगा प्रशासन को गुमराह करने का आरोप
तीर्थ पुरोहित उज्जवल पंडित ने इस पूरी घटना के लिए यात्रा में शामिल संतों पर सीधा निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि संत रामविशाल दास महाराज ने जानबूझकर स्थानीय प्रशासन और श्री गंगा सभा को अंधेरे में रखा। उन्हें बताया गया था कि केवल सनातन धर्म अपनाने वाले लोग ही यात्रा में आ रहे हैं। लेकिन हरकी पैड़ी पहुंचने पर स्थिति बिल्कुल अलग थी। पुरोहितों का कहना है कि झूठ बोलकर सनातन धर्म की पवित्रता को कलंकित करने का एक बड़ा प्रयास किया गया है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से भड़का गुस्सा
बिजनौर के गंगा बैराज से ग्यारह अप्रैल को शुरू हुई यह सद्भावना पदयात्रा रविवार को हरिद्वार पहुंची थी। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस बल भी वहां भारी संख्या में मौजूद था। विवाद तब शुरू हुआ जब हरकी पैड़ी पर मौजूद कुछ लोगों का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा। वीडियो में कुछ लोग गोल टोपी पहने हुए दिखाई दिए, जिससे स्थानीय लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। इस वायरल वीडियो के बाद ही श्री गंगा सभा ने अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है।


