Uttarakhand News: रामनगर के पीएनजी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में उच्च शिक्षा विभाग के नए ट्रांसफर आदेश ने भारी उथल-पुथल मचा दी है। विभाग ने एक ही झटके में कॉलेज के 21 वरिष्ठ प्राध्यापकों का तबादला कर दिया है। इसके बदले में कॉलेज को सिर्फ 17 नए प्रोफेसर ही मिल पाए हैं।
इस असंतुलित फेरबदल के कारण महाविद्यालय की पूरी शिक्षा व्यवस्था पटरी से उतरती नजर आ रही है। सबसे ज्यादा संकट स्नातक स्तर (Graduation) पर संस्कृत पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के सामने खड़ा हो गया है। कॉलेज से संस्कृत के प्राध्यापक का ट्रांसफर तो कर दिया गया, लेकिन उनकी जगह किसी की तैनाती नहीं की गई।
इन शहरों के कॉलेजों में भेजे गए प्रोफेसर
कॉलेज प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक, यहां तैनात रहे 20 नियमित प्राध्यापकों का तबादला राज्य के विभिन्न दुर्गम और सुगम क्षेत्रों में किया गया है। इनमें बाजपुर, द्वाराहाट, रुद्रपुर, गणाई गंगोली, काशीपुर, मानिला, गोपेश्वर, रानीखेत, कर्णप्रयाग, लोहाघाट, जयहरीखाल, अगस्त्यमुनि, नैनीडांडा, बेरीनाग और उत्तरकाशी शामिल हैं।
इसके अलावा रसायन विज्ञान (Chemistry) के एक संविदा प्राध्यापक भी इस नए स्थानांतरण आदेश के कारण सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में अनुभवी शिक्षकों के चले जाने से कॉलेज में पढ़ाई का माहौल पूरी तरह प्रभावित हो गया है। छात्र अब अपनी अधूरी पढ़ाई को लेकर काफी चिंतित हैं।
कई महत्वपूर्ण विषयों में खाली रह गए पद
शिक्षा विभाग ने संस्कृत के अलावा कई अन्य महत्वपूर्ण विषयों में भी पदों को खाली छोड़ दिया है। समाजशास्त्र विषय से दो प्रोफेसरों का ट्रांसफर हुआ, लेकिन उनकी जगह सिर्फ एक ही प्राध्यापक भेजा गया। इसी तरह भूगोल विषय के भी दो शिक्षकों का तबादला कर केवल एक की ही नियुक्ति की गई है।
वनस्पति विज्ञान (Botany) में भी यही हाल देखने को मिला है, जहां तीन प्राध्यापकों के जाने के बाद महज दो नए शिक्षकों को कार्यभार सौंपा गया है। आगामी 10 जुलाई तक कॉलेज में सेमेस्टर परीक्षाएं चल रही हैं। ऐसे में शिक्षकों के तुरंत रिलीव होने और नई जगह ज्वाइनिंग लेने से परीक्षा व्यवस्था में बड़ी परेशानी आ सकती है।
SIR ड्यूटी से कार्यमुक्त करने के लिए लिखा पत्र
तबादला सूची में शामिल महाविद्यालय के चार प्राध्यापकों की महत्वपूर्ण ड्यूटी फिलहाल एसआईआर (SIR) में लगी हुई थी। इन सभी चारों शिक्षकों का भी अन्यत्र ट्रांसफर हो चुका है। ऐसे में परीक्षाओं और कॉलेज के कामकाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए एक प्रशासनिक कदम उठाया गया है।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. एमसी पांडे की ओर से संबंधित उच्चाधिकारियों को एक आधिकारिक पत्र लिखा गया है। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने इन प्राध्यापकों को एसआईआर की ड्यूटी से तुरंत कार्यमुक्त करने का अनुरोध किया है, ताकि वे अपनी नई तैनाती वाले स्थानों पर समय से कार्यभार ग्रहण कर सकें।
Author: Harish Rawat


