Dehradun News: भारतीय सेना और देश की महिलाओं के लिए 13 जून का दिन बेहद ऐतिहासिक साबित हुआ। राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) के पहले महिला बैच की कैडेट्स पास आउट होकर आधिकारिक तौर पर सेना में अधिकारी बन गई हैं।
पुणे स्थित एनडीए में कठिन प्रशिक्षण लेने वाली पहली 17 महिला कैडेटों का बैच भारतीय सशस्त्र बलों में नियुक्त हुआ। यह भारतीय सेना में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी की दिशा में एक बहुत बड़ी और महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
कड़े प्रशिक्षण के बाद ये देश की सेवा के लिए पूरी तरह तैयार हैं। देहरादून के इंडियन मिलिटरी अकादमी (आईएमए) की पासिंग आउट परेड में 9 महिला कैडेट थलसेना में शामिल हुईं। वहीं, हैदराबाद के डुंडीगल से 5 महिलाएं वायुसेना में अधिकारी बनीं।
सुनील दत्त की भविष्यवाणी की तरह सुप्रीम कोर्ट ने खोला रास्ता
यह पहली बार है जब एनडीए से प्रशिक्षित महिला अधिकारी सीधे स्थायी कमीशन (Permanent Commission) के साथ सेना में शामिल हुई हैं। इससे पहले एनडीए के दरवाजे महिलाओं के लिए बंद थे। अगस्त 2021 में सुप्रीम कोर्ट ने इसके रास्ते खोले थे।
न्यायालय के आदेश के बाद साल 2022 में महिलाओं का पहला बैच एनडीए के 148वें कोर्स में शामिल हुआ था। इससे पहले महिलाओं को केवल शॉर्ट सर्विस कमीशन के तहत ही चुना जाता था। वे 14 साल की सेवा के बाद स्थायी कमीशन मांग सकती थीं।
इन सभी महिला कैडेटों ने अपनी-अपनी सैन्य अकादमियों में कड़ा और व्यापक प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया है। आईएमए देहरादून में आयोजित 158वें रेगुलर कोर्स की पासिंग आउट परेड की मुख्य समीक्षा खुद देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने की थी।
वायुसेना और नौसेना में भी बेटियों ने दिखाई अपनी ताकत
हैदराबाद के डुंडीगल स्थित एयर फोर्स अकादमी (एएफए) में आयोजित संयुक्त स्नातक परेड की समीक्षा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की। इसमें कुल 37 महिला कैडेट्स शामिल थीं, जिनमें से एनडीए से प्रशिक्षण पाने वाली 5 महिला अधिकारियों को विंग्स मिले।
इसके अलावा, भारतीय नौसेना में भी 3 महिला अधिकारियों को हाल ही में केरल के एझिमाला स्थित नौसेना अकादमी में कमीशन दिया गया। इस पासिंग आउट परेड में कुल 66 महिलाएं शामिल थीं, जिन्होंने अपना प्रारंभिक सैन्य प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया था।
इस साल आईएमए देहरादून से कुल 515 कैडेट्स पास आउट हुए हैं, जिनमें 16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेट्स भी शामिल हैं। इन सभी में एनडीए की पहली महिला बैच की नौ कैडेट्स विशेष आकर्षण और देश के गौरव का मुख्य केंद्र रहीं।
Author: Rahul Sharma


