Chamoli News: ज्योतिर्मठ क्षेत्र में मंगलवार रात हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि के कारण बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर पागलनाला के पास पहाड़ी से भारी मलबा आ गया। इस भूस्खलन के कारण यात्रा मार्ग करीब डेढ़ घंटे तक पूरी तरह बाधित रहा। इस दौरान सड़क के दोनों ओर करीब 400 छोटे-बड़े वाहन फंस गए, जिनमें चार हजार से अधिक श्रद्धालु सवार थे।
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं। घोर अंधेरी रात, लगातार बारिश और पहाड़ी से गिरते मलबे जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच राहत कार्य को युद्धस्तर पर चलाया गया। जिलाधिकारी गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने स्थिति की निरंतर मॉनिटरिंग की और मार्ग को न्यूनतम समय में बहाल करने के निर्देश दिए।
पागलनाला: एक संवेदनशील भूस्खलन जोन
बदरीनाथ हाईवे पर पागलनाला भूस्खलन जोन एक बेहद संवेदनशील क्षेत्र है। यहां पिछले दो वर्षों से करोड़ों रुपये की लागत से स्थाई ट्रीटमेंट कार्ययोजना पर काम चल रहा है, लेकिन बारिश के दौरान यह स्थान अक्सर कहर बरपाता है। मंगलवार देर शाम हुई मूसलधार वर्षा और ओलावृष्टि ने स्थिति को और गंभीर बना दिया, जिससे अचानक हाईवे पर भारी मात्रा में मलबा आ गया।
हाईवे बाधित होने की खबर मिलते ही एहतियातन पुलिस ने यात्री वाहनों को पीपलकोटी, ज्योतिर्मठ और हेलंग जैसे सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया था। इससे वाहनों की लंबी कतार लग गई। जिला प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) की टीम ने मशीनों व मानव संसाधनों के साथ संयुक्त रूप से कार्य करते हुए रात में ही मलबे को हटाकर मार्ग को आवागमन के लिए सुरक्षित बना दिया।
प्रशासन की त्वरित कार्यवाही के चलते सभी फंसे हुए वाहनों को देर रात गंतव्य की ओर रवाना कर दिया गया, जिससे श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली। जिला प्रशासन ने साफ किया है कि चारधाम यात्रा पर आए तीर्थयात्रियों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मौसम को देखते हुए यात्रा मार्ग पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को असुविधा न हो।
Author: Harish Rawat


