Uttarakhand News: ऋषिकेश में बड़ा हादसा टला, चूहे मारने की दवा को ‘प्रसाद’ समझकर खा गए 4 बच्चे

Rishikesh News: ऋषिकेश से सटे ढालवाला क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां चूहे मारने वाली जहरीली दवा को कथा का ‘चूरण प्रसाद’ समझकर चार बच्चों ने खा लिया। दवा खाने के कुछ ही देर बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी और वे उल्टियां करने लगे। परिजनों ने तत्परता दिखाते हुए सभी बच्चों को तुरंत ऋषिकेश के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां समय पर इलाज मिलने से उनकी जान बच गई।

खेल-खेल में हुआ बड़ा हादसा

घटना महंत प्लाट स्थित भजराम भट्ट के आवास की है। घर में चूहों के आतंक से निपटने के लिए बुजुर्ग महिला ने आटे में जहरीली दवा मिलाकर एक डिब्बे में सुरक्षित रखी थी। घर में खेल रहे चार बच्चों की नजर उस डिब्बे पर पड़ी। आटे का मिश्रण उन्हें कथा में मिलने वाले चूरण (पिंजरी प्रसाद) जैसा लगा। स्वाद फीका लगने पर बच्चों ने उसमें चीनी मिलाई और एक से तीन चम्मच तक जहर गटक लिया।

अस्पताल में उपचार के बाद खतरे से बाहर

बच्चों के पिता भजराम भट्ट जब घर लौटे, तो उन्होंने बच्चों को बीमार हालत में देखा। पूछताछ करने पर जब सच्चाई सामने आई, तो परिजनों के हाथ-पांव फूल गए। अस्पताल की इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर संतोष पंत ने बताया कि बच्चों को तुरंत प्राथमिक उपचार दिया गया। उपचार के बाद सभी बच्चों की स्थिति अब स्थिर है और उन्हें खतरे से बाहर देखते हुए घर भेज दिया गया है। ये बच्चे पांचवीं से नौवीं कक्षा के छात्र हैं।

अभिभावकों के लिए बड़ी चेतावनी

यह घटना घर में कीटनाशक और जहरीली वस्तुओं के रख-रखाव को लेकर एक बड़ी चेतावनी है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी खतरनाक सामग्री को बच्चों की पहुंच से दूर और स्पष्ट लेबल वाले डिब्बों में ही रखना चाहिए। भजराम भट्ट, जो स्वयं एक जनप्रतिनिधि हैं, ने बताया कि पत्नी के काम पर जाने और बुजुर्गों की असावधानी के कारण यह स्थिति पैदा हुई। गनीमत रही कि समय रहते बच्चों को चिकित्सीय सहायता मिल गई।

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