मेरठ में सनसनीखेज वारदात! 3 दिन से लापता दलित छात्रा का गन्ने के खेत में मिला शव, तेजाब से चेहरा जलाने का आरोप

Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक बेहद सनसनीखेज और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां पिछले तीन दिनों से लापता एक 20 वर्षीय दलित छात्रा का शव गन्ने के खेत से सड़ी-गली हालत में बरामद हुआ है। इस घटना के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया है।

मृतका के परिजनों ने सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) के बाद हत्या का बेहद गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पहचान छिपाने की नीयत से छात्रा का चेहरा और हाथ तेजाब से बुरी तरह जलाए गए हैं। परिजनों ने तीन नामजद और दो-तीन अज्ञात आरोपियों के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी अविनाश पांडेय ने त्वरित कार्रवाई की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि मुख्य आरोपी अंकुश को पुलिस ने तत्परता से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस कस्टडी में पूछताछ के दौरान आरोपी अंकुश ने छात्रा की बेरहमी से हत्या करने का जुर्म कबूल कर लिया है।

प्रेम संबंध और शक के चलते की गई बेरहमी से हत्या

एसएसपी के मुताबिक, मृतका और मुख्य आरोपी अंकुश के बीच पहले से प्रेम संबंध थे। हालांकि, अंकुश को शक था कि छात्रा का किसी दूसरे युवक के साथ भी प्रेम संबंध चल रहा है। इसी आशंका और ईर्ष्या के चलते अंकुश ने इस खौफनाक हत्याकांड को अंजाम दिया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत के असली कारणों और अन्य आरोपों की पुष्टि पूरी तरह से पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगी। रविवार सुबह जब ग्रामीणों ने गन्ने के खेत में शव देखा, तो उसके गले पर गहरे निशान थे और चेहरा व हाथ काले पड़ चुके थे।

दोपहर में अनुसूचित जाति का पीड़ित परिवार ग्रामीणों और बसपा नेताओं के साथ थाने पहुंचा। मृतका के पिता, जो बहुजन समाज पार्टी (बसपा) से जुड़े हैं, उन्होंने शव की पहचान अपनी बेटी के रूप में की। वह मेरठ के एक डिग्री कॉलेज में बीए अंतिम वर्ष की छात्रा थी।

पेपर देने गई थी छात्रा, पहले भी की थी शिकायत

परिजनों के अनुसार, छात्रा शुक्रवार सुबह कॉलेज में राजनीति विज्ञान का पेपर देने गई थी, जिसके बाद से वह संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई। पिता का आरोप है कि उन्होंने उसी दिन टीपीनगर थाने में तहरीर देकर अंकुश, अंकित और हनी उर्फ निशांत पर अपहरण का आरोप लगाया था।

पीड़ित पिता ने आरोप लगाया कि ये युवक काफी समय से उनकी बेटी का पीछा कर उसे मानसिक रूप से परेशान कर रहे थे। इन आरोपियों के खौफ की वजह से ही पीड़ित परिवार अपना पैतृक गांव छोड़कर शहर में रहने लगा था। घटना से नाराज ग्रामीणों ने थाने पर धरना देकर जमकर हंगामा किया।

Author: Ajay Mishra

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