Kanpur News: उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर कानपुर में मेट्रो ट्रेन नेटवर्क का विस्तार अब बहुत तेजी से होने जा रहा है। जल्द ही शहरवासियों को दिल्ली और नोएडा की तर्ज पर हर प्रमुख रूट पर आधुनिक मेट्रो की बेहतरीन सुविधा मिलने लगेगी।
यूपीएमआरसी ने कानपुर मेट्रो परियोजना के आगामी महाविस्तार की एक बहुत ही महत्वाकांक्षी और संभावित रूपरेखा पूरी तरह तैयार कर ली है। इस नए मास्टर प्लान के तहत भविष्य में सात नए कॉरिडोर बनाने का बड़ा प्रस्ताव रखा गया है।
सात नए कॉरिडोर से बढ़ेगी शहर की कूटनीतिक कनेक्टिविटी
मेट्रो प्रशासन द्वारा प्रस्तावित इन सभी सात नए कॉरिडोर की कुल लंबाई लगभग 83.658 किलोमीटर होगी। इस बड़े प्रोजेक्ट की सबसे खास बात यह है कि इसमें उन्नाव से सीधे गुमटी नंबर-5 होते हुए नमक फैक्ट्री चौराहा तक एक लंबा कॉरिडोर बनेगा।
इस बड़े कूटनीतिक रूट के तैयार होने से कानपुर और उन्नाव शहर आपस में सीधे परिवहन सेवा से जुड़ जाएंगे। वर्तमान में मेट्रो कॉरिडोर एक के तहत आईआईटी से नौबस्ता तक ट्रैक बिछाने का काम अंतिम चरण में चल रहा है।
मुख्य सचिव के सामने यूपी मेट्रो टीम ने दिया प्रजेंटेशन
करीब दस दिन पहले लखनऊ में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सभी महत्वपूर्ण सरकारी विभागों की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई थी। इस बैठक में यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार समेत कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मुख्य रूप से मौजूद रहे।
मेट्रो अधिकारियों ने बैठक में नेटवर्क को व्यापक विस्तार देने के लिए एक डिजिटल प्रजेंटेशन दिया। उन्होंने बताया कि राइट्स लिमिटेड की ओर से तैयार कॉम्प्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान की प्रारंभिक रिपोर्ट में विस्तार की बड़ी संभावनाएं दिखी हैं।
आवासीय और औद्योगिक क्षेत्रों को आपस में जोड़ेगा नया नेटवर्क
इस बड़े प्रोजेक्ट का मुख्य लक्ष्य कानपुर की पूरी यातायात व्यवस्था को भविष्य के लिए मजबूत और आधुनिक बनाना है। प्रस्तावित 83.658 किलोमीटर लंबे नेटवर्क में से 59.648 किमी एलिवेटेड और 24.01 किमी हिस्सा पूरी तरह अंडरग्राउंड बनाया जाएगा।
यह नया मेट्रो कॉरिडोर शहर के सभी प्रमुख आवासीय, औद्योगिक, शैक्षणिक और व्यावसायिक क्षेत्रों को आपस में बेहतर तरीके से जोड़ेगा। इससे स्थानीय यात्रियों को बहुत तेज, सुरक्षित और बेहद सुविधाजनक सरकारी पब्लिक ट्रांसपोर्ट का विकल्प मिल सकेगा।
सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव और वायु प्रदूषण होगा कम
नया रूट चालू होने से कानपुर की सड़कों पर वाहनों का भारी दबाव और लगातार बढ़ता वायु प्रदूषण काफी हद तक कम हो जाएगा। यूपीएमआरसी के अधिकारियों के अनुसार राज्य सरकार से नीतिगत मंजूरी मिलते ही डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाई जाएगी।
कानपुर विकास प्राधिकरण ने बर्रा-8 से नौबस्ता सेक्शन के लिए पहले ही अपनी जरूरी तकनीकी रिपोर्ट तैयार करा ली है। इस विशेष खंड के निर्माण के लिए राज्य सरकार की तरफ से वित्तीय और प्रशासनिक सहमति भी मिल चुकी है।
छह से सात महीने के ग्राउंड सर्वे के बाद तैयार हुआ रूट
मेट्रो अफसरों ने बताया कि इस मेगा विस्तार की पूरी रूपरेखा करीब छह से सात महीने तक चले गहन ग्राउंड सर्वे के बाद तैयार की गई है। इसे शहर की लगातार बढ़ती आबादी और भीषण जाम की समस्या को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
मेट्रो नेटवर्क का यह आधुनिक विस्तार कानपुर के समग्र विकास में एक बहुत ही महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक भूमिका निभाने वाला है। यह आधुनिक शहरी परिवहन व्यवस्था को वैश्विक स्तर पर बहुत ज्यादा मजबूत और समयबद्ध कर देगा।
भविष्य के प्रमुख संभावित मेट्रो कॉरिडोर की सूची इस प्रकार है:
- नौबस्ता से बर्रा-8 (लूप लाइन) – 8.078 किमी (पूर्णतः एलिवेटेड)
- उन्नाव से गुमटी नंबर-5 होते हुए नमक फैक्ट्री चौराहा – 35.81 किमी (26.4 किमी एलिवेटेड एवं 9.41 किमी अंडरग्राउंड)
- नौबस्ता से चकेरी – 14.6 किमी (पूर्णतः अंडरग्राउंड)
- कृषि विश्वविद्यालय से ख्योरा कटरी – 4.39 किमी (एलिवेटेड)
- नमक फैक्ट्री से पनकी एक्सटेंशन – 6 किमी (एलिवेटेड)
- ख्योरा कटरी से ट्रांस गंगा ब्रांच लाइन – 9 किमी (एलिवेटेड)
- नौबस्ता से रमईपुर – 5.78 किमी (एलिवेटेड)
बर्रा-8 से नौबस्ता को जोड़ने की मिल चुकी है मंजूरी
इन सभी प्रस्तावित कॉरिडोरों में शामिल बर्रा-8 से नौबस्ता सेक्शन के लिए कानपुर विकास प्राधिकरण ने राइट्स संस्था से सर्वे कराया था। इस खंड की विस्तृत रिपोर्ट को उत्तर प्रदेश सरकार पहले ही अपनी आधिकारिक मंजूरी दे चुकी है।
यूपीएमआरसी के वरिष्ठ अफसरों ने बताया कि इन सभी संभावित कॉरिडोरों के संबंध में जैसे ही शासन से नीतिगत हरी झंडी मिलेगी, संबंधित विकास प्राधिकरण के माध्यम से विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार करने की विधिक प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दी जाएगी।
Author: Ajay Mishra


