Delhi News: दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि देश में जल्द ही एक मजबूत प्रधानमंत्री सत्ता संभालेगा। वह नया नेता भारतीयों की मौत और वैश्विक अपमान का बदला अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप से जरूर लेगा।
आम आदमी पार्टी के मुखिया ने कहा कि इस वक्त पूरे देश के नागरिकों का खून खौल रहा है। अमेरिकी हमलों को लेकर आम जनता के बीच बहुत ज्यादा गुस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉनल्ड ट्रंप की सेना ने तीन समुद्री जहाजों के ऊपर लगातार तीन दिनों तक ताबड़तोड़ हमले किए हैं।
उन्होंने तारीखों का जिक्र करते हुए बताया कि ये हमले जून महीने की 8, 10 और 11 तारीख को हुए थे। इस पूरे मामले में भारत सरकार के लगभग 68 लोग वहां फंस गए थे। इन हमलों में तीन भारतीय नागरिकों की दुखद मौत भी हो गई थी। इसके बावजूद हमारे प्रधानमंत्री चुप हैं।
ट्रंप ने तीन बार किया हमला और मोदी जी चुप रहे
अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो जारी कर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अमेरिकी प्रशासन ने 8 जून को पहला हमला किया लेकिन देश के प्रधानमंत्री चुप रहे। इसके बाद 10 और 11 जून को दोबारा हमला हुआ, पर सरकार ने कोई कड़ा कदम नहीं उठाया।
उन्होंने आगे कहा कि 10 जून को ट्रंप ने प्रधानमंत्री को चुनाव जीतने की बधाई दी थी। इसके जवाब में भारतीय प्रधानमंत्री ने ट्रंप को धन्यवाद बोला। पूर्व मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि देश के प्रधानमंत्री एक ऐसे विदेशी नेता के साथ मिलकर आगे काम करने की इच्छा क्यों जता रहे हैं?
आम आदमी पार्टी के नेता ने अमेरिकी राष्ट्रपति को सीधे तौर पर हत्यारा कहा। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति ने तीन निर्दोष भारतीय लोगों का मर्डर किया, हमारी सरकार उसके सामने नतमस्तक है। हद तो तब हो गई जब विदेश मंत्री ने अमेरिकी अधिकारियों से बात की, तो वहां से दोबारा धमकी मिली।
अमेरिका ने खेद जताने के बजाय हमारे विदेश मंत्री को धमकाया
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि अमेरिकी प्रशासन ने इस गंभीर घटना पर कोई खेद या अफसोस नहीं जताया। इसके उलट उनके अधिकारियों ने हमारे देश के विदेश मंत्री को सीधे धमकी दे डाली। उन्होंने कहा कि अगर भारत ने अमेरिका के ऑर्डर को नहीं माना, तो उसे इसके गंभीर नतीजे भुगतने पड़ेंगे।
उन्होंने प्रधानमंत्री पर सीधा निशाना साधते हुए पूछा कि आखिर मोदी जी ट्रंप के सामने इतने मजबूर क्यों दिखाई दे रहे हैं? इस चुप्पी की वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पूरे देश की नाक कट गई है। अगर रूस, चीन या ईरान का एक भी नागरिक मारा जाता, तो क्या वे देश चुप रहते?
वीडियो के अंत में उन्होंने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री कमजोर हो सकते हैं, लेकिन देश की 140 करोड़ जनता कमजोर नहीं है। अगर सरकार इस मुद्दे पर चुप रहेगी, तो देश के लोग शांत नहीं बैठेंगे। देश में जल्द ही एक मजबूत प्रधानमंत्री आएगा जो इस अपमान का पूरा बदला लेगा।
Reported By: Harikarishan Sharma


