Kanpur News: उत्तर प्रदेश के कानपुर में पुलिस ने एक ऐसे बड़े अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसके कारनामे सुनकर आपके होश उड़ जाएंगे। हाईस्कूल पास एक शातिर मास्टरमाइंड ने अपने पढ़े-लिखे साथियों के साथ मिलकर देश भर में ठगी का एक खौफनाक जाल बिछा रखा था।
शिवराजपुर पुलिस और साइबर क्राइम सेल की संयुक्त टीम ने इस गिरोह के छह मुख्य सदस्यों को धर दबोचा है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार इन जालसाजों ने अब तक देश के विभिन्न राज्यों में करीब ढाई हजार मासूम लोगों को अपना शिकार बनाकर करोड़ों की चपत लगाई है।
किराए के बैंक खातों से हुआ करोड़ों का लेन-देन
पुलिस जांच में आरोपियों के पास से चार सौ पचास संदिग्ध म्यूल अकाउंट मिले हैं। इन सभी फर्जी बैंक खातों में अब तक करीब दो सौ पच्चीस करोड़ रुपये का भारी लेन-देन हो चुका है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के पोर्टल पर इन खातों के खिलाफ सत्ताईस गंभीर शिकायतें पहले से दर्ज थीं।
पकड़े गए अपराधियों में गिरोह का सरगना अशरफ खान केवल दसवीं पास है, जबकि उसके अन्य साथी स्नातक हैं। वे भोले-भाले ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे। इसके बदले वे ग्रामीणों को हर महीने पांच से दस हजार रुपये का फिक्स किराया देते थे।
डिजिटल अरेस्ट की धमकी देकर वसूलते थे मोटी रकम
यह गिरोह लोगों को सीबीआई या पुलिस अधिकारी बनकर फोन करता था। वे पीड़ित को डिजिटल अरेस्ट करने की कानूनी धमकी देकर डराते थे। डर के मारे लोग मोटी रकम इन किराए के खातों में भेज देते थे, जिसे बाद में क्रिप्टोकरेंसी में बदल दिया जाता था।
चौंकाने वाली बात यह है कि इस धंधे में कुछ बैंक अधिकारियों की मिलीभगत भी सामने आई है। वे सुविधा शुल्क लेकर ठगों को नया खाता खोलने और सीजिंग की जानकारी पहले ही दे देते थे। पुलिस ने इनके पास से पांच मोबाइल, डेबिट कार्ड और पासबुक बरामद की है।
Author: Raj Thakur


