US Iran Peace Treaty: अमेरिका और ईरान के बीच ऐतिहासिक शांति समझौता, डोनाल्ड ट्रंप बोले- 19 जून को स्विट्जरलैंड में होंगे दस्तखत

International News: अमेरिका और ईरान के बीच हुए एक ऐतिहासिक शांति समझौते से पूरी दुनिया में खुशी की लहर दौड़ गई है। वैश्विक महाशक्तियों के नेताओं ने इस समझौते का पुरजोर स्वागत किया है। जानकार इसे एक बड़ी राजनयिक सफलता बता रहे हैं, जिससे अब पश्चिम एशिया में लंबे समय बाद स्थिरता आएगी।

इस बड़े समझौते के बाद रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोल दिया जाएगा। इससे पूरे पश्चिमी एशिया में बना हुआ भारी आर्थिक दबाव काफी कम होगा। बता दें कि इस युद्ध को शुरू हुए 100 दिनों से भी ज्यादा का लंबा समय बीत चुका था।

सीजफायर होने के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद रहने से क्षेत्र के सभी देशों को भयंकर आर्थिक नुकसान हो रहा था। अब इस संकट के समाधान की कतर, तुर्की, यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी और फ्रांस जैसे बड़े देशों ने खुलकर सराहना की है। वैश्विक नेताओं ने इसे स्थायी शांति की दिशा में अहम कदम बताया।

कतर और तुर्की ने इस शांति समझौते की सराहना की

कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान बिन जसीम अल थानी ने इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि कतर भविष्य की वार्ताओं को सकारात्मक और रचनात्मक भावना के साथ आगे बढ़ाने की पूरी उम्मीद करता है।

कतर के विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह ऐतिहासिक कदम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक विकास को तेजी से बढ़ावा देगा। वहीं तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने भी इस घटनाक्रम की खूब तारीफ की है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया लंबे समय से इस अच्छी खबर का इंतजार कर रही थी।

एर्दोगन ने क्षेत्र में शांति का माहौल बनाने के लिए कतर और सऊदी अरब के राजनयिक प्रयासों की सराहना की। इसके साथ ही ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने भी इस समझौते को युद्ध समाप्त करने और समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बेहद जरूरी और महत्वपूर्ण कदम बताया है।

यूके और जर्मनी के नेताओं ने ट्रंप को बधाई दी

ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पाकिस्तान तथा कतर जैसे मध्यस्थ देशों को इस बड़ी सफलता के लिए बधाई दी। उन्होंने जोर दिया कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार नहीं बनाना चाहिए। यूके समुद्री सुरक्षा और बारूदी सुरंगों को हटाने में सहयोग देगा।

जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने भी इस समझौते का स्वागत करते हुए इसे एक अभूतपूर्व वैश्विक राजनयिक उपलब्धि करार दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि इस बड़ी सफलता के लिए राष्ट्रपति ट्रंप और ईरानी नेतृत्व बधाई के पात्र हैं। इससे पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था को एक नया जीवन मिलेगा।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने भी इस समझौते को बिना किसी देरी के तत्काल प्रभाव से लागू करने की मांग की है। मैक्रॉन ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी शर्त के तुरंत खोला जाना चाहिए ताकि समुद्री व्यापारिक यातायात को पहले की तरह पूरी सुरक्षा के साथ बहाल किया जा सके।

डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर खुद दी जानकारी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर इस समझौते की पुष्टि की है। ट्रंप ने लिखा कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ समझौता पूरा हो गया है। दुनिया के जहाजों, अपने इंजन चालू करो और अब तेल को बहने दो।

ट्रंप ने अपने पोस्ट में बताया कि दोनों देशों के प्रतिनिधि आगामी 19 जून को स्विट्जरलैंड में इस ऐतिहासिक शांति समझौते पर आधिकारिक रूप से हस्ताक्षर करेंगे। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम और अमेरिकी राष्ट्रपति के बड़े दावे पर ईरान की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

Author: Pallavi Sharma

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