Delhi News: भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष संगठनात्मक ढांचे और केंद्र सरकार की मंत्रिपरिषद में एक बहुत बड़ा फेरबदल होने जा रहा है। पार्टी आलाकमान ने संसदीय बोर्ड सहित कई बेहद महत्वपूर्ण कमेटियों में नए चेहरों को शामिल करने की पूरी तैयारी कर ली है। उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार मलमास समाप्त होते ही 15 जून के बाद कभी भी नई टीम की आधिकारिक घोषणा हो सकती है। इस बड़े बदलाव से देश की राजनीति में भारी हलचल मच गई है।
नितिन नवीन की नई टीम में दिखेगा युवा और अनुभव का अनूठा संगम
बीजेपी में नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के कार्यभार संभालने के बाद पूरी टीम बदलने की पुरानी परंपरा रही है। इसी साल जनवरी में कमान संभालने वाले 45 वर्षीय नितिन नवीन पार्टी के सबसे युवा अध्यक्ष हैं। ऐसे में वे अपनी नई कोर टीम को बहुत अधिक ऊर्जावान और सर्वव्यापी बनाने पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। इस नई टीम के भीतर देश के पिछड़े और दलित वर्गों को एक बहुत बड़ा और प्रभावी प्रतिनिधित्व मिलने की पूरी उम्मीद है।
मोदी कैबिनेट के विस्तार को लेकर राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज
संगठनात्मक बदलावों के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में भी व्यापक स्तर पर फेरबदल की सुगबुगाहट तेज हो गई है। केंद्र सरकार के तीसरे कार्यकाल के दो वर्ष पूरे होने के मौके पर इस कैबिनेट विस्तार को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हाल ही में दो केंद्रीय मंत्रियों पंकज चौधरी और हर्ष मल्होत्रा को क्रमशः उत्तर प्रदेश और दिल्ली में पार्टी संगठन की कमान सौंपकर इसके साफ संकेत पहले ही दे दिए गए हैं।
केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू और जॉर्ज कुरियन को मिल सकती है नई जिम्मेदारी
पार्टी ने इस बार केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को राजस्थान से दोबारा राज्यसभा का टिकट नहीं दिया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि गृह मंत्री अमित शाह के बेहद करीबी बिट्टू को पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए कोई बड़ी संगठनात्मक जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। वहीं केरल से आने वाले वरिष्ठ नेता जॉर्ज कुरियन को भी दोबारा उच्च सदन नहीं भेजा गया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि उन्हें किसी अहम राज्य का राज्यपाल बनाया जा सकता है।
राज्यसभा चुनाव के तुरंत बाद मंत्रियों के विभागों में होगा बड़ा बदलाव
आगामी 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव के तुरंत बाद मोदी कैबिनेट में करीब 12 मंत्रियों के विभागों में बड़े फेरबदल की संभावना है। बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ और राजस्थान के पूर्व अध्यक्ष सतीश पूनिया को राज्यसभा भेजा जा रहा है। संसद में इस नए डेब्यू के साथ ही तरुण चुघ को केंद्र सरकार में मंत्री पद से नवाजा जा सकता है। नीट पेपर लीक विवाद के चलते शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का विभाग भी बदला जा सकता है।
एनडीए के सहयोगी दलों और नए चेहरों को कैबिनेट में मिलेगी अहम तरजीह
इस बार के बड़े कैबिनेट विस्तार में एनडीए के सहयोगी दलों जैसे जेडीयू, टीडीपी और एनसीपी के नेताओं को विशेष तवज्जो मिलने की उम्मीद है। जेडीयू और टीडीपी के खाते में कुछ नए राज्यमंत्री पद जा सकते हैं। इनके अलावा आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए पंजाब के एक राज्यसभा सांसद को भी मंत्री बनाया जा सकता है। उत्तर प्रदेश चुनाव को देखते हुए केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा को कैबिनेट में बरकरार रखा जाएगा।


