Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा के दूसरे दिन एक बेहद हैरान करने वाला आंकड़ा सामने आया है। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित इस परीक्षा में 10 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने अपनी परीक्षा छोड़ दी। जिले के सभी 44 चिन्हित केंद्रों पर दोनों पालियों की परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। हालांकि प्रशासन की मुस्तैदी के कारण कहीं से भी किसी प्रकार की अप्रिय घटना या धांधली की कोई सूचना नहीं मिली है।
दोनों पालियों में अनुपस्थित अभ्यर्थियों के चौंकाने वाले आंकड़े
अधिकारियों के मुताबिक इस महत्वपूर्ण परीक्षा में कुल 38,928 अभ्यर्थियों को शामिल होना था, लेकिन इनमें से 10,230 अभ्यर्थी परीक्षा केंद्रों पर नहीं पहुंचे। पहली पाली में 19,464 पंजीकृत उम्मीदवारों में से केवल 14,316 अभ्यर्थियों ने ही अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इसी तरह दूसरी पाली की परीक्षा में भी 19,464 में से महज 14,382 अभ्यर्थी ही शामिल हुए। इस भारी अनुपस्थिति ने भर्ती बोर्ड के आला अधिकारियों को भी चौंका दिया है।
डीआईजी और एसएसपी ने संभाली कमान, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
सिपाही भर्ती परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए जिला प्रशासन दिनभर पूरी तरह सतर्क रहा। डीआईजी डॉ. एस. चनप्पा, एसएसपी डॉ. कौस्तुभ और एसपी सिटी निमिष पाटील ने खुद फील्ड में उतरकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। आला अधिकारियों ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने बायोमेट्रिक जांच प्रक्रिया, सीसीटीवी कैमरों की निगरानी और अभ्यर्थियों की थर्मल स्कैनिंग का बहुत बारीकी से निरीक्षण किया।
परीक्षा खत्म होते ही सड़कों पर लगा भीषण जाम, स्टेशन पर उमड़ी भीड़
शाम को दोनों पालियों की परीक्षा समाप्त होने के बाद पूरे शहर की यातायात व्यवस्था पर अचानक भारी दबाव बढ़ गया। हजारों की संख्या में अभ्यर्थियों के एक साथ बाहर निकलने से प्रमुख चौराहों पर लंबा जाम लग गया। यातायात पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद वाहनों की आवाजाही को दोबारा सुचारू कराया। इसके अलावा रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर भी बाहरी जिलों से आए परीक्षार्थियों की भारी भीड़ देखी गई।
आज अंतिम दिन की परीक्षा को लेकर एसटीएफ और क्राइम ब्रांच अलर्ट
इस महापरीक्षा का अंतिम और तीसरा चरण आज बुधवार को बेहद कड़े पहरे के बीच आयोजित किया जा रहा है। जिले के सभी 44 केंद्रों पर खुफिया एजेंसियों को विशेष रूप से सक्रिय रहने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। पेपर लीक या किसी भी तरह की धोखाधड़ी को रोकने के लिए एसटीएफ, क्राइम ब्रांच और लोकल सर्विलांस टीम लगातार संदिग्धों पर नजर रख रही है। प्रशासन पूरी शुचिता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।


