Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर के भगवानपुर स्थित आक्सफोर्ड सीनियर सेकेंडरी स्कूल पर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। स्कूल में एक बच्चे के साथ अमानवीय व्यवहार और सरकारी मानकों की अनदेखी के मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रमंडलीय आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने स्कूल प्रबंधन के विरुद्ध प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने का आदेश दिया है।
यह मामला तब सामने आया जब एक अभिभावक ने शिकायत की कि निर्धारित ड्रेस में न होने के कारण उनके बच्चे को तेज धूप में करीब आधे घंटे तक खड़ा रखा गया। इस घटना के कारण बच्चे की तबीयत बिगड़ गई। अभिभावक ने इसे बच्चों के अधिकारों का गंभीर उल्लंघन करार दिया, जिसके बाद प्रमंडलीय आयुक्त ने तत्काल जांच टीम गठित की।
जांच में खुली स्कूल की पोल
प्रशासन द्वारा गठित जांच टीम में सामाजिक सुरक्षा के उपनिदेशक धीरज कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी अरविंद कुमार सिन्हा और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सुजीत कुमार दास शामिल थे। जांच रिपोर्ट में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। स्कूल बिना किसी वैध संबद्धता के संचालित हो रहा था और वहां सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम शैक्षणिक मानक भी पूरे नहीं थे।
स्कूल परिसर में न तो बच्चों की संख्या के अनुरूप पर्याप्त कक्षाएं थीं और न ही वहां पुस्तकालय व खेल मैदान जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध थीं। इसके अतिरिक्त, प्रबंधन पर मनमाने तरीके से फीस बढ़ाने और छात्रों को एक विशेष दुकान से ही ड्रेस व किताबें खरीदने के लिए मजबूर करने का गंभीर आरोप भी साबित हुआ है।
शिक्षा विभाग की कड़ी चेतावनी
प्रमंडलीय आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि विद्यालय शिक्षा और संस्कार का केंद्र होते हैं, जहां बच्चों को सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित विद्यालय संचालक के खिलाफ FIR दर्ज कराने के साथ ही पूरे मामले की गहन कानूनी प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है।
आयुक्त ने जिला शिक्षा विभाग के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे जिले के सभी निजी विद्यालयों की नियमित जांच सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बच्चों की सुरक्षा और सम्मान है। नियमों की अनदेखी करने वाले किसी भी शिक्षण संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
Author: Amit Yadav

