Delhi News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज यानी गुरुवार, 21 मई 2026 को केंद्रीय मंत्रिपरिषद की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। विदेश दौरे से लौटने के तुरंत बाद हो रही यह बैठक सरकार के ‘मिडटर्म रिव्यू’ के रूप में देखी जा रही है। इसमें सभी मंत्रालयों के कामकाज की गहन समीक्षा की जाएगी और भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा होगी।
इस उच्च-स्तरीय बैठक में मोदी सरकार के कामकाज का ‘रिपोर्ट कार्ड’ तैयार किया जाएगा। इसके लिए मंत्रालयों को चार मुख्य पैमानों पर परखा जा रहा है: विधायी बदलाव, नियमों का सरलीकरण, नीतिगत सुधार और प्रशासनिक व्यवस्था में सुगमता। प्रधानमंत्री का जोर ‘सुशासन’ और जनता के लिए सरकारी सेवाओं को और अधिक सुलभ बनाने पर है।
मंत्रालयों का प्रेजेंटेशन और भविष्य की कार्ययोजना
बैठक में कृषि, पेट्रोलियम, वाणिज्य, ऊर्जा और परमाणु ऊर्जा जैसे करीब एक दर्जन महत्वपूर्ण मंत्रालयों के सचिव और मंत्री अपना प्रेजेंटेशन देंगे। ये विभाग न केवल पिछले दो वर्षों में किए गए सुधारों का ब्यौरा देंगे, बल्कि आने वाले समय के लिए अपने लक्ष्यों और रोडमैप को भी प्रधानमंत्री के समक्ष रखेंगे।
यह समीक्षा बैठक ऐसे समय में हो रही है जब पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताएं बढ़ी हैं। बैठक में इन अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों के भारत पर पड़ने वाले प्रभाव और नागरिकों को न्यूनतम असुविधा सुनिश्चित करने के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर भी विस्तृत चर्चा होने की पूरी संभावना है।
क्या कैबिनेट में होगा बड़ा फेरबदल?
राजनीतिक गलियारों में इस बैठक को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा मंत्रिमंडल के विस्तार और फेरबदल को लेकर है। सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री ने पहले ही मंत्रियों के परफॉर्मेंस रिपोर्ट कार्ड की समीक्षा कर ली है। माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद जून के दूसरे हफ्ते में कैबिनेट में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
नई नियुक्तियों में युवाओं और अनुभवी नेताओं के संतुलन पर ध्यान दिया जा सकता है। साथ ही, कुछ मंत्रियों को पार्टी संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा सकती है। हाल ही में हुए विभिन्न राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजों और एनडीए की मजबूती को देखते हुए यह फेरबदल राजनीतिक दृष्टिकोण से काफी अहम माना जा रहा है।
Author: Gaurav Malhotra

