Uttar Pradesh News: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अमेठी के अपने दौरे पर जनता से बेहद भावुक जुड़ाव जताया है। पार्टी कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने के साथ उन्होंने कहा कि अमेठी उनका घर और कर्मभूमि है। गांधी ने साफ तौर पर कहा कि आने वाले समय में अमेठी की जनता जो भी निर्णय लेगी, वह उसे स्वीकार करेंगे।
अमेठी के गौरीगंज में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने गांधी परिवार और इस क्षेत्र के पुराने रिश्तों को याद किया। उन्होंने कहा, “राजीव जी, सोनिया जी, प्रियंका जी और मैं, हम सभी अमेठी से गहराई से जुड़े हैं।” सांसद किशोरी लाल शर्मा के भावुक भाषण का जिक्र करते हुए उन्होंने क्षेत्रवासियों के प्रति अपना सम्मान व्यक्त किया।
2027 के चुनाव से पहले कांग्रेस की नई रणनीति
राहुल गांधी का यह दौरा आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बेहद अहम माना जा रहा है। 2024 के लोकसभा चुनाव में किशोरी लाल शर्मा द्वारा स्मृति ईरानी को हराने के बाद कांग्रेस का मनोबल बढ़ा है। हालांकि, 2022 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को अमेठी में एक भी सीट न मिलना पार्टी के लिए बड़ी चुनौती है।
अमेठी संसदीय क्षेत्र में आने वाली पांचों विधानसभा सीटों पर वर्ष 2022 में कांग्रेस का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था। वहां भाजपा ने तीन और समाजवादी पार्टी ने दो सीटों पर कब्जा किया था। अब राहुल गांधी की सक्रियता कांग्रेस के लिए खोया हुआ जनाधार वापस पाने की एक सोची-समझी कोशिश के रूप में देखी जा रही है।
विरोध के बीच राहुल गांधी की चुनावी सक्रियता
राहुल गांधी की यात्रा के दौरान स्थानीय राजनीति में गरमाहट भी देखने को मिली। गौरीगंज में भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने गांधी और किशोरी लाल शर्मा के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। नारेबाजी और विरोध के बावजूद राहुल गांधी ने दिवंगत कांग्रेस नेता योगेंद्र मिश्रा के परिजनों से मिलकर संवेदनाएं व्यक्त कीं।
अमेठी में राहुल गांधी का आना कार्यकर्ताओं के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है। अब देखना यह होगा कि क्या कांग्रेस अपने पारिवारिक गढ़ में 2027 के चुनाव तक खुद को फिर से मजबूती से खड़ा कर पाती है। विपक्षी भाजपा के लिए भी यह क्षेत्र राजनीतिक रूप से काफी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
Author: Ajay Mishra

